ऋण स्वीकृति में देरी के मुद्दे पर बैंक कर्मचारी और मनसे पदाधिकारी के बीच मराठी बोलने को लेकर बहस

ऋण स्वीकृति में देरी के मुद्दे पर बैंक कर्मचारी और मनसे पदाधिकारी के बीच मराठी बोलने को लेकर बहस

ऋण स्वीकृति में देरी के मुद्दे पर बैंक कर्मचारी और मनसे पदाधिकारी के बीच मराठी बोलने को लेकर बहस
Modified Date: February 7, 2026 / 12:20 am IST
Published Date: February 7, 2026 12:20 am IST

मुंबई, छह फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के एक पदाधिकारी ने दावा किया है कि राज्य के नाम वाले एक राष्ट्रीयकृत बैंक के कर्मचारी ने मुंबई में एक महिला को ऋण स्वीकृत करने में देरी को लेकर हुई बहस के बाद मराठी में बात करने से इनकार कर दिया।

महाराष्ट्र नवनिर्माण कामगार सेना (मनसे की कामगार शाखा) के सचिव अनीश खंडागले ने कहा कि माटुंगा में रहने वाली एक महिला के परिवार ने बृहस्पतिवार को उनसे संपर्क किया, ताकि उसके द्वारा आवेदन किए गए ऋण में देरी और उसकी राशि में कमी को लेकर शिकायत की जा सके।

बैंक माहिम में स्थित है।

खंडागले ने बताया कि जब उन्होंने बैंक अधिकारी से संपर्क किया और मराठी में बात करने पर जोर दिया, तो उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए इनकार कर दिया।

इसके बाद भाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया क्योंकि दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं थे।

उन्होंने दावा किया कि मामला बढ़ने पर बैंक अधिकारी ने माफी मांग ली।

भाषा तान्या प्रशांत

प्रशांत


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