महाराष्ट्र : बंबई उच्च न्यायालय ने मंत्री पंकजा मुंडे को जारी किया नोटिस

महाराष्ट्र : बंबई उच्च न्यायालय ने मंत्री पंकजा मुंडे को जारी किया नोटिस

महाराष्ट्र : बंबई उच्च न्यायालय ने मंत्री पंकजा मुंडे को जारी किया नोटिस
Modified Date: March 8, 2026 / 03:26 pm IST
Published Date: March 8, 2026 3:26 pm IST

जालना, आठ मार्च (भाषा) महाराष्ट्र में जालना जिला योजना समिति की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर मुंबई उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की मंत्री पंकजा मुंडे और अन्य सरकारी अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।

जालना जिला योजना समिति का गठन महाराष्ट्र सरकार ने ही किया था। पंकजा मुंडे जालना जिले की प्रभारी मंत्री हैं।

स्थानीय कार्यकर्ता भाऊसाहेब गोरे की ओर से दायर एक रिट याचिका की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय की औरंगाबाद खंडपीठ ने चार मार्च को राज्य सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए।

खंडपीठ में न्यायमूर्ति विभा कंकनवाड़ी और न्यायमूर्ति हितेन वेनेगावकर शामिल हैं।

याचिकाकर्ता के अनुसार, जिला योजना समिति का गठन कथित तौर पर कानून का उल्लंघन करते हुए किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप अवैध रूप से धन का आवंटन हुआ और इस धनराशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा रहा है।

सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि गोरे को पहले 22 अगस्त 2024 के शासकीय आदेश के तहत समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया था।

हालांकि, उनका कार्यकाल अब समाप्त हो चुका है और वह अब समिति से जुड़े नहीं हैं। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उन्हें हाल ही में पता चला कि समिति का गठन कथित तौर पर कानून के अनुरूप नहीं था, जिसके कारण उन्होंने रिट याचिका दायर की।

पीठ ने कहा कि उसने 22 अगस्त 2024 के सरकारी आदेश का अवलोकन किया है। हालांकि, इस प्रारंभिक चरण में अदालत ने कहा कि वह मौजूदा समिति द्वारा पहले से की गई कार्रवाई या निर्णयों पर टिप्पणी नहीं करेगी।

अदालत ने कहा कि वह इस बात की जांच करेगी कि समिति की संरचना संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप है या नहीं।

इस मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल के लिए निर्धारित की गई है।

भाषा रवि कांत रवि कांत सुभाष

सुभाष


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