केंद्र ने जन आक्रोश की खुफिया चेतावनी के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर कार्रवाई की : कांग्रेस नेता

केंद्र ने जन आक्रोश की खुफिया चेतावनी के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर कार्रवाई की : कांग्रेस नेता

केंद्र ने जन आक्रोश की खुफिया चेतावनी के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पर कार्रवाई की : कांग्रेस नेता
Modified Date: May 24, 2026 / 04:00 pm IST
Published Date: May 24, 2026 4:00 pm IST

मुंबई, 24 मई (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के वरिष्ठ नेताओं ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जन असंतोष को दबाने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि आसूचना ब्यूरो (आईबी) की एक रिपोर्ट में संभावित जन आक्रोश की चेतावनी के बाद सरकार ने व्यंग्यात्मक डिजिटल संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कर दिए।

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और बालासाहेब थोराट ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, गरीबों और बेरोजगारों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय जनता के गुस्से को दबा रही है।

‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने इस हफ्ते की शुरुआत में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) के प्रश्नपत्र ‘लीक’ मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक अभियान शुरू किया था।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने पिछले हफ्ते एक वकील की याचिका पर सुनवाई के दौरान “कॉकरोच” और “परजीवी” जैसी टिप्पणियां की थीं, जिसे लेकर हुए विवाद के बाद यह संगठन चर्चा में आया।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शनिवार को अपने संगठन के खिलाफ व्यापक कार्रवाई का आरोप लगाते हुए दावा किया कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के सभी सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट बंद कर दी गई हैं, जिससे संगठन अपने किसी भी आधिकारिक मंच का इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है।

पटोले ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि आईबी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चेतावनी दी थी कि सीजेपी का तेजी से लोकप्रिय होता सोशल मीडिया अभियान देश में आक्रोश पैदा कर सकता है, जिसके बाद उससे जुड़े अकाउंट को ब्लॉक कर दिया गया।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को सौंपी गई आईबी की रिपोर्ट में कहा गया था कि यह मुद्दा आक्रोश पैदा कर सकता है और इसे ब्लॉक किया जाना चाहिए। उस जानकारी के आधार पर यह निर्णय लिया गया।”

पटोले ने आरोप लगाया कि इस कदम को लेकर पिछले कई दिनों से गुस्सा बढ़ता जा रहा है और चेतावनी दी कि यह और भी तीव्र हो सकता है।

उन्होंने कहा, “अगर ऐसा हुआ तो इसका असर युवाओं, गरीबों और बेरोजगारों पर पड़ेगा। इस कदम के खिलाफ गुस्से की एक बड़ी लहर शुरू हो गई है और यह गुस्सा किसी भी पल भड़क सकता है।”

इस बीच, थोराट ने कहा कि भाजपा सोशल मीडिया मंचों या अकाउंट को निशाना बनाकर आलोचना से बच नहीं सकती।

उन्होंने कहा, “इस मुद्दे पर पिछले कई दिनों से गुस्सा बढ़ता जा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो इसका असर युवाओं, गरीबों और बेरोजगारों पर पड़ेगा।”

थोराट ने कहा कि सोशल मीडिया अकाउंट बंद करने मात्र से समस्या का समाधान नहीं होगा।

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल जनता की बढ़ती शिकायतों को दूर करने के बजाय असहमति को दबाने की कोशिश कर रहा है।

भाषा जितेंद्र पारुल

पारुल


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