उद्धव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए मैंने जोर दिया था: पवार ने फडणवीस को दिया जवाब

उद्धव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए मैंने जोर दिया था: पवार ने फडणवीस को दिया जवाब

Edited By: , October 17, 2021 / 12:50 PM IST

Pawar responds Fadnavis on Uddhav : पुणे, 16 अक्टूबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार ने शनिवार को कहा कि दो साल पहले जब महा विकास आघाड़ी (एमवीए) की सरकार बनी थी तब उन्होंने इस पर जोर दिया था कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनें।

पवार के बयान से कुछ घंटे पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया था कि ठाकरे ने मुख्यमंत्री बनने की अपनी महत्वकांक्षा को छिपाए रखा और किसी “शिवसैनिक” को राज्य के मुखिया के पद पर बिठाने की बात कहते रहे।

Pawar responds Fadnavis on Uddhav : पुणे जिले के पिंपरी चिंचवड़ में पवार ने संवाददाताओं से कहा कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र की शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की तीन दलों की सरकार को अस्थिर करने के लिए विभिन्न एजेंसियों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर भाजपा ने चुप्पी साधी है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत घटने के बावजूद भाजपा सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं कर रही है।

पवार ने कहा, “ठाकरे को (एमवीए के) तीनों दलों के नेताओं ने चुना था। एमवीए में मेरे अलावा बहुत से लोगों का योगदान था। जब हमने एमवीए का गठन करने और गठबंधन के नेतृत्व पर चर्चा के लिए बैठक की, तब मैंने उन्हें (उद्धव ठाकरे) मुख्यमंत्री बनने के लिए कहा। मैंने इन लोगों को बचपन से देखा है। (शिवसेना संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे और मुझमें राजनीतिक मतभेद थे, लेकिन हम एक दूसरे के नजदीक थे।”

उन्होंने कहा, “मैंने सोचा कि उस व्यक्ति का बेटा मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकता, जिसने महाराष्ट्र के लिए योगदान दिया, और मैंने उद्धव ठाकरे से मुख्यमंत्री बनने का आग्रह किया। फडणवीस उद्धव के साथ काम कर चुके हैं इसलिए उन्हें पता है कि उद्धव कैसे हैं। उन्हें यह बार-बार पूछना बंद करना चाहिए कि उद्धव मुख्यमंत्री कैसे बने।” इससे पहले आज फडणवीस ने आरोप लगाया था कि एमवीए सरकार अनैतिक तरीके से बनी थी।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि आदरणीय उद्धव जी को अब यह मान लेना चाहिए कि मुख्यमंत्री बनने की उनकी महत्वाकांक्षा थी, जो उन्होंने पूरी की। राजनीति में महत्वाकांक्षा होना बुरी बात नहीं है। लेकिन अगर आप अपनी बात का मान रखते तो आपको शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं दिवाकर रावते, सुभाष देसाई या एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए था।”

फडणवीस ने कहा कि अतीत में उद्धव ने कई बार कहा था कि उन्होंने अपने दिवंगत पिता बाल ठाकरे से वादा किया था कि वह किसी शिवसैनिक (पार्टी कार्यकर्ता) को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाएंगे।

भाजपा नेता ने कहा, “अगर आप सच में मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे तो नारायण राणे को शिवसेना क्यों छोड़नी पड़ी? राणे पार्टी के अध्यक्ष तो नहीं बनना चाहते थे। और राज ठाकरे को शिवसेना से अलग क्यों होना पड़ा? मुख्यमंत्री बनने की आपकी महत्वाकांक्षा थी यह अच्छी बात है, लेकिन अब कृपया इसके लिए हमें दोषी ठहराना बंद करें।”

पवार ने कहा कि फडणवीस ऐसे आरोप इसलिए लगा रहे हैं क्योंकि वह दूसरी बार मुख्यमंत्री नहीं बन पाए।

पवार ने कहा कि एमवीए सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी और घटक दल (2024 के चुनाव में) फिर से चुन कर आयेंगे। इस बीच, उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि से लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन केंद्र सरकार को महंगाई की कोई चिंता नहीं है। लगभग छह महीने पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई थी लेकिन केंद्र ने पेट्रोल और डीजल की दरें कम नहीं की।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब (कच्चे तेल की) अंतरराष्ट्रीय कीमत में वृद्धि के चलते हम ईंधन की दरों को बढ़ाने की योजना बना रहे थे लेकिन तब भाजपा विपक्ष में थी और उसने इस कदम का पुरजोर विरोध किया था।

पवार ने कहा कि आज भाजपा हर दिन ईंधन की कीमत बढ़ा रही है। पवार ने दोहराया कि केंद्र सरकार महाराष्ट्र में केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा, “सीबीआई को (किसी मामले की जांच के लिए) राज्य सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है लेकिन यह महाराष्ट्र में नहीं हो रहा। यहां केंद्र सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है।”

स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की आलोचना करते हुए पवार ने कहा कि एजेंसी द्वारा जिन चश्मदीदों के बयान दर्ज किये गए हैं, उनमें से कुछ अपराधी हैं।

उन्होंने राकांपा नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक के दामाद के मामले का हवाला देते हुए कहा, “चूंकि नवाब मलिक राकांपा के प्रवक्ता हैं और उन पर सीधे हमला नहीं किया जा सकता इसलिए केंद्र सरकार एजेंसी (एनसीबी) के इस्तेमाल से उनके दामाद को निशाना बना रही है। गांजा रखने के लिए उनके दामाद को गिरफ्तार किया गया और जेल में रखा गया। लेकिन सौभाग्य से कुछ दिन पहले उसे जमानत मिल गई। अदालत ने कहा कि उसके पास गांजा नहीं बल्कि कोई और पौधा था। सत्ता और जांच एजेंसी के दुरुपयोग का यह दूसरा उदाहरण है।”

शाहरुख खान के बेटे का नाम लिए बिना पवार ने कहा कि एनसीबी किसी को भी उठा लेती है और आरोप लगती है कि उसके पास से प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के परिसरों पर आयकर विभाग की छापेमारी के मुद्दे को पवार ने महत्वहीन बताने का प्रयास किया। भाषा

यश दिलीप

दिलीप