महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने प्रशासनिक पुनर्गठन को दी मंजूरी; 10 नये विभाग सृजित किए जाएंगे
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने प्रशासनिक पुनर्गठन को दी मंजूरी; 10 नये विभाग सृजित किए जाएंगे
मुंबई, नौ जून (भाषा) महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने राज्य प्रशासन में बड़े पुनर्गठन को मंगलवार को मंजूरी दे दी। अधिकारियों ने बताया कि कार्यकुशलता बढ़ाने और फैसलों में तेजी लाने के लिए विभागों की संख्या 33 से बढ़ाकर 43 की जाएगी।
कई मौजूदा विभागों को विभाजित कर स्वतंत्र विभाग बनाया जाएगा, जिनमें कृषि और बागवानी; सहकारिता, विपणन और वस्त्र; उद्योग, ऊर्जा, श्रम और खनन; राजस्व और वन; स्कूली शिक्षा और खेल; तथा पर्यटन और सांस्कृतिक कार्य विभाग शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।
इसके तहत गृह विभाग से परिवहन विभाग को और सामान्य प्रशासन विभाग से शिष्टाचार (प्रोटोकॉल) विभाग को अलग कर नए स्वतंत्र विभाग बनाए जाएंगे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह पुनर्गठन सरकार की ओर से ‘कारोबार को आसान बनाने’ (इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस) और ‘जीवन को सुगम बनाने’ (इज ऑफ लिविंग) के संकल्प का हिस्सा है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को सुव्यवस्थित करना, जमीनी स्तर की एजेंसियों के साथ समन्वय में सुधार करना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।
हालांकि, राज्य सरकार ने साफ किया है कि इस पुनर्गठन के तहत कोई भी नया पद नहीं बनाया जाएगा। इसके बजाय, विभागों को अधिक प्रभावी ढंग से काम करने और त्वरित निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए उनके कामकाज और जिम्मेदारियों का दोबारा बंटवारा किया जाएगा।
एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) की कर्ज लेने की सीमा बढ़ाने के लिए ‘महाराष्ट्र औद्योगिक विकास अधिनियम, 1961’ में संशोधन और अध्यादेश को भी मंजूरी दी।
साथ ही, राज्य सरकार ने प्रस्तावित पुरंदर हवाई अड्डा परियोजना के भूमि अधिग्रहण के लिए आवास और शहरी विकास निगम लिमिटेड (हडको) से 6,000 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी और गारंटी दे दी है, जिसकी अधिग्रहण प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य भर में औद्योगिक क्षेत्रों, विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण के वास्ते एमआईडीसी को अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होगी।
राज्य के नियमों को केंद्रीय प्रावधानों के अनुरूप करने के लिए ‘महाराष्ट्र माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम, 2017’ और इसके 2026 के संशोधन विधेयक में बदलावों को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 में संशोधन को मंजूरी देते हुए नए कॉलेजों, परिसरों और पाठ्यक्रमों के लिए अनुमति से जुड़े प्रावधानों को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए बढ़ा दिया है, जिसके तहत मंजूरी देने की अंतिम समयसीमा 30 जून, 2026 रहेगी।
भाषा
सुमित संतोष
संतोष

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