दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए संदिग्ध आतंकवादी पर पहले से थी महाराष्ट्र पुलिस की नजर : पाटिल

दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए संदिग्ध आतंकवादी पर पहले से थी महाराष्ट्र पुलिस की नजर : पाटिल

Edited By: , September 15, 2021 / 07:06 PM IST

मुंबई, 15 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने बुधवार को कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकवादियों में से एक, मुंबई के रहने वाले जान मोहम्मद शेख पर राज्य पुलिस की पहले से ही कड़ी नजर थी और इस संबंध में महाराष्ट्र के खुफिया तंत्र की विफलता की बात सरासर गलत है।

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने मंगलवार को पाकिस्तान-संगठित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा प्रशिक्षित आतंकवादियों सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकवादी गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और रामलीला के त्योहारों के दौरान कथित तौर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सहित देश के कई स्थानों में विस्फोट करने की योजना बना रहे थे।

दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए छह संदिग्ध आतंकवादियों में से जान मोहम्मद शेख (47) मुंबई का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी का खुलासा होने के बाद मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के अधिकारियों ने मंगलवार को यहां जान मोहम्मद के परिवार से पूछताछ की और उसके घर की तलाशी भी ली।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री वलसे पाटिल ने बुधवार को यहां पत्रकारों को बताया कि शेख, जिसे ‘समीर कालिया’ के नाम से भी जाना जाता है, धारावी क्षेत्र (मुंबई) का रहने वाला है और आपराधिक रिकॉर्ड के अनुसार उस पर 2001 में किसी स्थानीय अपराध के लिए मामला दर्ज किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘अन्य अपराधियों की तरह उस पर भी राज्य पुलिस की नजर थी। इस मामले को लेकर राज्य के खुफिया तंत्र की विफलता का कोई सवाल ही नहीं उठता।’’

दिलीप वलसे पाटिल ने कहा, “मुद्दे की संवेदनशीलता के कारण, मैं इस मामले से संबंधित विवरण का खुलासा नहीं कर सकता। लेकिन, मैं आपको बताना चाहता हूं कि संदिग्ध पर राज्य पुलिस की नज़र थी। इस मामले में राज्य का खुफिया तंत्र विफल नहीं हुआ है। यह हमारे पुलिस बल के लिए शर्मिंदगी की बात भी नहीं है।’’

दिल्ली पुलिस की ओर से इस संबंध में महाराष्ट्र पुलिस को सूचित किए जाने के सवाल पर गृह मंत्री ने कहा, ‘‘ कई बार जब कोई ठोस सूचना नहीं होती है, एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य का दौरा करती है और कई बार स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना गिरफ्तारी भी करती है।’’

भाषा रवि कांत मनीषा

मनीषा