(तस्वीर के साथ)
(अनन्या गुप्ता)
मुंबई, 13 सितंबर (भाषा) महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को ध्यान में रखते हुए एक कलाकार ने मुंबई में गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश की ‘अर्धनारी’ स्वरूप में मूर्ति बनाई है ताकि महिला एवं पुरुष के बीच सामंजस्य की आवश्यकता पर जोर दिया जा सके।
रिंटू राठौड़ ने चॉकलेट से गणेश की मूर्ति बनाई है, जिसमें उनकी विशेषज्ञता है।
राठौड़ ने बताया कि उन्होंने अपने सांताक्रूज स्थित घर में स्थापित ‘अर्धनारी’ स्वरूप की 25 इंच ऊंची मूर्ति बनाने के लिए 20 किलोग्राम ‘डार्क चॉकलेट’ और 10 किलोग्राम सफेद चॉकलेट का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा, ‘‘गणपति का यह स्वरूप हिंदू धर्म में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह इस विचार पर जोर देता है कि पुरुष और महिला एक दूसरे के लिए आवश्यक और पूरक हैं, जो ब्रह्मांड में एकता और संतुलन को बढ़ावा देते हैं।’’
राठौड़ ने बताया कि महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के गोरेगांव में 800 वर्ष पुराने मंदिर में 12 भुजाओं वाले गणेश भगवान की ‘अर्धनारी’ मूर्ति स्थापित है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों खासकर हाल ही में कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ हुई घटना के मद्देनजर, पुरुष और महिला के बीच संतुलन तथा सामंजस्य की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।
राठौड़ ने कहा, ‘‘यह रूप पुरुष और महिला के बीच संतुलन को दर्शाता है। अगर संतुलन बिगड़ता है, जैसा कोलकाता में हुआ, तो महिलाओं को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मां काली का रूप लेना पड़ता है।’’
इस अनोखी पर्यावरण-अनुकूल मूर्ति को अनंत चतुर्दशी के दिन 17 सितंबर को दूध में विसर्जित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चॉकलेट युक्त दूध वंचित बच्चों के बीच वितरित किया जाएगा।
भाषा यासिर अविनाश
अविनाश