नसरापुर मामले के दोषी को 60 दिन में मौत की सजा सुनाकर अदालत ने नयी नजीर पेश की : फडणवीस
नसरापुर मामले के दोषी को 60 दिन में मौत की सजा सुनाकर अदालत ने नयी नजीर पेश की : फडणवीस
मुंबई, 29 जून (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नसरापुर में तीन साल की बच्ची के दुष्कर्म-हत्या मामले में विशेष अदालत के फैसले को त्वरित न्याय की दिशा में “नयी नजीर” करार देते हुए कहा कि दोषी को अपराध के महज 60 दिन के भीतर मौत की सजा सुनाई गई।
फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा में एक बयान देते हुए कहा कि 55 गवाहों से जिरह और सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद घटना के 55वें दिन यानी 25 जून को आरोपी को दोषी ठहराया गया तथा सोमवार को उसे मौत की सजा सुनाई गई।
पुणे में विशेष त्वरित अदालत के अतिरिक्त न्यायाधीश एसआर सालुंखे ने भोर तालुका के नसरापुर गांव में बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के दोषी 65 वर्षीय भीमराव कांबले को मौत की सजा सुनाई। कांबले पर लगाए गए तीन आरोपों में से प्रत्येक में मृत्युदंड का प्रावधान था।
फडणवीस ने कहा, “मेरा मानना है कि अदालत ने एक नयी नजीर पेश की है। अगर हम ऐसे बर्बर अपराध को हतोत्साहित करना चाहते हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि न्याय समय पर मिलना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने लगातार सुनवाई करने और मामले का जल्द से जल्द निपटारा सुनिश्चित करने के वास्ते छुट्टियां तक रद्द करने के लिए न्यायपालिका, खासतौर पर त्वरित अदालत के न्यायाधीश सालुंखे का आभार जताया।
फडणवीस ने कहा कि हालांकि जांच और आरोपपत्र दाखिल करना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन उसके बाद की समयसीमा काफी हद तक न्यायपालिका के हाथ में है।
उन्होंने पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप सिंह गिल, जांच टीम और सावधानीपूर्वक साक्ष्य एकत्र करने वाले सभी अधिकारियों की तारीफ की, जिससे अभियोजन पक्ष मामले को साबित करने में सक्षम हुआ।
फडणवीस ने मुकदमे में प्रभावी ढंग से पैरवी करने के लिए विशेष लोक अभियोजक अजय मिसर की भी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, “इस मामले ने दिखाया है कि अगर सभी हितधारक तेजी से काम करने की ठान लें, तो जघन्य अपराधों से जुड़े मुकदमों में भी दोषी को दो महीने के भीतर मौत की सजा सुनाई जा सकती है।”
पीड़िता के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए फडणवीस ने कहा कि कोई भी चीज उस बच्ची के माता-पिता के दुख को कम नहीं कर सकती, लेकिन अदालत की ओर से अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने से उन्हें कुछ हद तक संतोष मिलेगा।
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश

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