पुणे में जमीन सौदे के मामले में एकनाथ खडसे और उनकी पत्नी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
पुणे में जमीन सौदे के मामले में एकनाथ खडसे और उनकी पत्नी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
मुंबई, छह फरवरी (भाषा) एक विशेष स्थानीय अदालत ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे और उनकी पत्नी के खिलाफ पुणे में जमीन सौदे से जुड़े धनशोधन मामले में अदालत के सामने पेश न होने पर शुक्रवार को गैर-जमानती वारंट जारी किया।
मामले को संशोधनों के निर्धारण के लिए सूचीबद्ध किया गया था और इस प्रक्रिया के लिए आरोपी की अदालत में मौजूदगी आवश्यक थी।
सांसदों/विधायकों के मामलों के विशेष न्यायाधीश महेश जाधव ने कहा कि (उपस्थिति से छूट के लिए) आवेदन अस्पष्ट है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि याचिका में यह उल्लेख नहीं किया गया है कि अभियुक्तों को (उनके वकील द्वारा बताई गई) कौन सी व्यक्तिगत मुश्किल का सामना करना पड़ा है।
अदालत ने कहा कि इस कारण का समर्थन किसी भी दस्तावेजी साक्ष्य से नहीं होता है।
विशेष न्यायाधीश ने कहा, ‘‘अभियुक्त को इस बात की पूरी जानकारी है कि आज का दिन आरोप तय करने के लिए निर्धारित किया गया है। उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित अनुपात के अनुसार, सांसद/विधायक मामलों में शीघ्रता से आरोप तय किये जाने चाहिए। लेकिन आरोपी बिना किसी कारण के अनुपस्थित रहते हैं।’’
इसके बाद अदालत ने उनकी छूट की अर्जी खारिज कर दी और उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया।
मामले की सुनवाई 12 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) मामले में भी उनके खिलाफ इसी तरह का वारंट जारी किया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एसीबी की पुणे इकाई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर धनशोधन की जांच शुरू की थी।
केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया कि 2016 में, महाराष्ट्र के तत्कालीन राजस्व मंत्री खडसे ने अपनी पत्नी मंदाकिनी खडसे और दामाद गिरीश चौधरी द्वारा पुणे के भोसारी में तीन एकड़ जमीन की खरीदने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया।
अदालत ने पिछले साल दिसंबर में उनकी रिहाई की याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से प्रथम दृष्टया यह पता चलता है कि मंदाकिनी खडसे और गिरीश चौधरी ने संपत्ति को उन तरीकों से हासिल किया था जो कानूनी रूप से स्वीकृत नहीं हैं।
अदालत ने कहा, ‘‘इस मामले के तथ्य स्पष्ट हैं और सभी आरोपियों का नापाक इरादा बिक्री समझौते की सामग्री और आरोपी नंबर 1 (एकनाथ खडसे) द्वारा अपने पद का अनुचित लाभ उठाने के कृत्यों से स्पष्ट है।’’
महाराष्ट्र में 2014 में सत्ता में आई भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में वरिष्ठ मंत्री रहे खडसे को 2016 में अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था, जब उन पर अपनी पत्नी और दामाद द्वारा भोसारी औद्योगिक क्षेत्र में सरकारी जमीन की खरीद के लिए अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगा।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश

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