ऑपरेशन ब्लू स्टार ‘काला दिन’, सैन्य कार्रवाई ‘अब्दाली के आक्रमण’ के समान: भाजपा नेता गिरीश महाजन
ऑपरेशन ब्लू स्टार ‘काला दिन’, सैन्य कार्रवाई ‘अब्दाली के आक्रमण’ के समान: भाजपा नेता गिरीश महाजन
मुंबई, नौ जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ को “काला दिन” करार देकर और सैन्य कार्रवाई में मारे गए लोगों को “शहीद” बताकर विवाद खड़ा कर दिया है।
महाजन ने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ की तुलना स्वर्ण मंदिर पर अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली के आक्रमण से करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आलोचना भी की।
कांग्रेस ने महाजन की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले खालिस्तान के मुद्दे को हवा देने का आरोप लगाया। वहीं, शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (शिवसेना-उबाठा) ने महाजन को मंत्री पद से हटाने की मांग की।
महाजन पिछले शनिवार को अमृतसर के दमदमी टकसाल मुख्यालय में आयोजित ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के बरसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले किसी राज्य सरकार के पहले प्रतिनिधि बने।
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हमारे लिए ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ एक काला दिन है। इसमें हमारे भाई-बहन मारे गए।’’
महाजन ने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ को सिख समुदाय के पवित्र स्थल पर “सैन्य हमला” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सेना को जबरदस्ती पंजाब और पवित्र स्थल (स्वर्ण मंदिर) के अंदर भेजा था।
महाजन ने कहा, “यह हमारे पवित्र स्थल पर एक सैन्य हमला था। इंदिराजी ने उन्हें (सेना को) जबरदस्ती पंजाब और हमारे पवित्र स्थल पर भेजा था।”
उन्होंने सैन्य कार्रवाई की तुलना स्वर्ण मंदिर पर अब्दाली के आक्रमण से की और कहा कि 1984 में सिख तीर्थस्थल पर हुए “सैन्य हमले” ने समुदाय को गहरा दुख पहुंचाया था।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ के दौरान सिखों की बेरहमी से हत्या की गई और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कभी दंडित नहीं किया गया।
उन्होंने कहा, “ऐसी भीषण त्रासदी घटी। मैं इसे दुर्घटना नहीं कहूंगा, बल्कि एक सोची-समझी साजिश कहूंगा, जिसमें हमारे कई भाई-बहन मारे गए। इसके बाद भी किसी को सजा नहीं मिली।”
‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ सशस्त्र बलों की ओर से एक से 10 जून 1984 के बीच चलाया गया सैन्य अभियान था, जिसका घोषित उद्देश्य दमदमी टकसाल के नेता जरनैल सिंह भिंडरांवाले और अन्य उग्रवादियों को स्वर्ण मंदिर परिसर से हटाना था।
इस अभियान के बाद पंजाब में आतंकवाद की शुरुआत हुई थी।
कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) ने महाजन की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें मंत्रिमंडल और भाजपा से बर्खास्त करने की मांग की।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि महाजन ने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ की तुलना “अब्दाली के आक्रमण” से करके सशस्त्र बलों का अपमान किया है और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
सपकाल ने महाजन पर जरनैल सिंह भिंडरांवाले के महिमामंडन का प्रयास करने का आरोप लगाया।
उन्होंने एक बयान में कहा कि ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ सशस्त्र खालिस्तानी आतंकवादियों के खिलाफ एक आवश्यक सैन्य कार्रवाई थी और यह किसी भी धर्म के खिलाफ लक्षित नहीं थी।
सपकाल ने आरोप लगाया कि महाजन की टिप्पणियों ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए काम करने वालों के बलिदान पर सवाल उठाया है।
उन्होंने कहा कि महाजन की टिप्पणियों ने इंदिरा गांधी और पूर्व सेना प्रमुख जनरल अरुण कुमार वैद्य के बलिदान को कमतर आंका है, जिनकी इस अभियान के बाद हत्या कर दी गई थी।
सपकाल ने सवाल किया, “क्या महाजन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की भी आलोचना करेंगे, जो उस अवधि से जुड़े सुरक्षा अभियानों में शामिल थे। क्या वह डोभाल को पद से हटाने की मांग करेंगे?”
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या महाजन की टिप्पणियां महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक रुख को दर्शाती हैं।
सपकाल ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और फडणवीस महाजन के विचारों से सहमत हैं।
उन्होंने कहा, “अगर ऐसा नहीं है, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से इन टिप्पणियों की निंदा करनी चाहिए और देश तथा सशस्त्र बलों से माफी मांगनी चाहिए।”
कांग्रेस ने भाजपा पर पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले खालिस्तान के मुद्दे को हवा देने और चुनावी लाभ के लिए दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया।
महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सैन्य कार्रवाई का आदेश देने के इंदिरा गांधी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि भारत को एकजुट रखने के लिए यह जरूरी था।
वडेट्टीवार ने कहा, “अगर इंदिरा जी के कार्यकाल में वह निर्णय नहीं लिया गया होता, तो शायद भारत दो हिस्सों में बंट गया होता और अविभाजित भारत की अवधारणा ही नहीं बचती।”
उन्होंने कहा कि (‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ से जुड़े) फैसले को उस समय देश में व्याप्त परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
वडेट्टीवार ने कहा, “लोग विषय को समझे बिना ही टिप्पणी करते हैं। वे इसके बारे में कुछ न जानते हुए भी कुछ बोलना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि तत्कालीन नेतृत्व ने व्यक्तिगत सुरक्षा की परवाह किए बिना अभियान चलाने का फैसला किया और इसे शुरू करने से पहले व्यापक तैयारी की।
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने महाजन की आलोचना करते हुए भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे पर विरोधाभासी रुख अपनाने का आरोप लगाया।
सावंत ने कहा, “महाजन में इतिहास और संवेदनशील राष्ट्रीय मुद्दों की समझ का अभाव है। भाजपा ने पंजाब में चुनाव से पहले खालिस्तान का मुद्दा उठाना शुरू कर दिया है।”
उन्होंने कहा, “तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और सेना प्रमुख जनरल अरुण कुमार वैद्य ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। भाजपा राष्ट्र और महाराष्ट्र के हितों के खिलाफ काम कर रही है।”
शिवसेना (उबाठा) के राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री फडणवीस में जरा भी देशभक्ति की भावना है, तो उन्हें महाजन को राज्य मंत्रिमंडल और भाजपा से बाहर निकाल देना चाहिए।
राउत ने पूछा कि क्या ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को “काला दिन” करार दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “अगर आप इसे (ऑपरेशन ब्लू स्टार) एक काला दिन मानते हैं, तो आप देशद्रोही हैं। यह एक ऐसा अभियान था, जो देश की अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए चलाया गया था, जिसके लिए एक प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी) ने अपने प्राणों का बलिदान दिया, एक लड़ाई लड़ी और आतंकवाद को पराजित किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पंजाब देश का हिस्सा बना रहे।”
राउत ने सवाल किया कि क्या महाजन को इंदिरा गांधी के बलिदान पर संदेह है?
शिवसेना (उबाठा) सांसद ने कहा, “उनकी (इंदिरा की) लड़ाई देश के लिए थी। पूर्व सेना प्रमुख जनरल अरुण वैद्य ने इसके लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और हजारों अन्य लोगों ने भी बलिदान दिया।”
भाषा पारुल सुरेश
सुरेश

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