स्वयंभू धर्मगुरु खरात यौन उत्पीड़न के सातवें मामले में 12 मई तक न्यायिक हिरासत में

स्वयंभू धर्मगुरु खरात यौन उत्पीड़न के सातवें मामले में 12 मई तक न्यायिक हिरासत में

स्वयंभू धर्मगुरु खरात यौन उत्पीड़न के सातवें मामले में 12 मई तक न्यायिक हिरासत में
Modified Date: April 29, 2026 / 04:14 pm IST
Published Date: April 29, 2026 4:14 pm IST

नासिक (महाराष्ट्र), 29 अप्रैल (भाषा) नासिक की एक अदालत ने स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात को उसके खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के सातवें मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए 12 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

खरात पर कई महिलाओं का यौन शोषण करने और दैवीय शक्तियों और काले जादू का दावा करके बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने का आरोप है।

खरात के खिलाफ दर्ज कराई गई सातवीं प्राथमिकी में एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया था कि जब वह पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास गई तो उसने उसका यौन उत्पीड़न किया।

प्राथमिकी के मुताबिक खरात ने कथित तौर पर महिला को कुछ पीने के लिए दिया और उसके पति को कार्यालय के बाहर बैठने को कहा और उस दौरान महिला का यौन उत्पीड़न किया। साथ ही महिला को धमकी दी कि अगर उसने किसी को इसके बारे में बताया तो वह उसे जान से मार देगा।

अदालत ने सोमवार को खरात को इस मामले में बुधवार तक के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) की हिरासत में भेज दिया था। पुलिस हिरासत की अवधि पूरी होने पर उसे बुधवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया।

सुरक्षा कारणों से अदालत में खरात को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया गया।

सुनवाई के दौरान पुलिस ने खरात को न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध किया। बाद में अदालत ने पुलिस के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उसे 12 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

खरात प्रभावशाली लोगों के संपर्क में होने की वजह से राजनीतिक विवाद के केंद्र में रहा है। 18 मार्च को उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही नेताओं और समाज के अन्य महत्वपूर्ण सदस्यों के साथ उसकी तस्वीरें सामने आ रही हैं। गिरफ्तारी के बाद एक महिला ने उस पर तीन साल तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था।

विशेष जांच टीम (एसआईटी) नासिक और अहिल्यानगर जिलों में उसके खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच कर रही है।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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