14 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं हिंदी दिवस?

Reported By: Aman Verma, Edited By: Aman Verma

Published on 14 Sep 2017 05:19 PM, Updated On 14 Sep 2017 05:19 PM


आपके मन में एक सवाल आता होगा कि हिंदी तो भारत में काफी पहले से बोली जाती है, लेकिन 14 सितंबर को ही हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है? दरअसल, 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी, इसके अगले साल भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया था, जिसके भाग 17 के अध्याय की धारा 343(1) में वर्णित है कि संघ की राज भाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी। संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप अंतर्राष्ट्रीय रूप होगा।

इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितंबर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहला आधिकारिक हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था और तब से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

Web Title : हिंदी दिवस

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