एंटीबायोटिक इंजेक्शन बना जान का दुश्मन

Reported By: Pushpraj Sisodiya, Edited By: Pushpraj Sisodiya

Published on 30 Oct 2017 04:12 PM, Updated On 30 Oct 2017 04:12 PM

ग्वालियर: कथित चिकित्सा लापरवाही के मामले में, 50 से अधिक महिलाएं  कमला राज अस्पताल में ज़िंदगी और मौत से झूल रही है।  जिनमें से कुछ प्रसूति  महिलाये है जो रविवार को  ग्वालियर  सरकारी अस्पताल में एंटीबायोटिक इंजेक्शन लेने के बाद बीमार हो गयी खबर के मुताबिक ये  50 महिलाओं में से कई गंभीर स्थिति में हैं जिनका बचना भी मुश्किल लग रहा है।
 इन सब बातो ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है क्योकि ये  अस्पताल मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में स्थित है इस वजह से कांग्रेस को और अधिक मौका मिल गया है आज कांग्रेस पार्टी के लोग कमला राज अस्पताल का घेराव कर रहे है। अभी अभी खबर आई है की कमलाराजा अस्पताल में एम पीसिलीन इंजेक्शन के रिएक्शन का मामले में कमिश्नर एस एन रूपला ने  जांच के आदेश दिए है.इसके लिए 3 सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है जो एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।इस कमेटी में एडीएम ओर जयारोग्य अस्पताल के सीनियर डॉक्टर शामिल है। रविवार को "एमपीसिलीन इंजेक्शन" के रिएक्शन से 50 महिलाएं हुई थी बीमार
पिछले कुछ महीनों में चिकित्सा लापरवाही की ऐसी घटनाओं में वृद्धि हुई है; हालांकि, मौतों के अधिकांश मामलों में शिशुओं और नवजात शिशुओं को शामिल किया गया है.
उत्तर प्रदेश में बाबा राघव दास अस्पताल, जहां कई शिशुओं की चिकित्सा लापरवाही के कारण मृत्यु हो गई, पूरे देश में फैले हुए कई अस्पतालों में मेडिकल औपचारिकता का एक आदर्श उदाहरण है।आपको बता दे की ये खबर सबसे पहले ibc 24 ने अपने चैनल के माध्यम से ब्रेक की थी

Web Title : Antibiotic injection made the enemy of life

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