लंबे समय में फायदेमंद साबित होंगे आर्थिक बदलाव-अरुण जेटली

Reported By: Pushpraj Sisodiya, Edited By: Pushpraj Sisodiya

Published on 24 Oct 2017 06:43 PM, Updated On 24 Oct 2017 06:43 PM

 

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा  कि पिछले तीन वर्षों में भारत एक तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था रही है। देश का बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है और जो बड़े बदलाव हुए हैं वो लंबे समय के लिए बेहद फायदेमंद साबित होंगे।

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वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था के विकास के लिए सरकार के सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत महंगाई को काबू में रखते हुए सरकारी खर्चों को बढ़ाने, बैंकों की स्थिति मजबूत करने तथा आधारभूत संरचनाओं के विकास पर खास जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और जीडीपी की वृद्धि आगे बढ़ रही है, जो सकारात्मक संकेत हैं। उन्होंने कहा-जब संरचनात्मक सुधार होता है, तो उसमें कुछ अस्थायी रुकावटें भी आ सकती हैं, लेकिन इससे मध्यम और दीर्घ अवधि में बहुत अधिक लाभ होता है.

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वित्त मंत्री ने देश का आर्थिक रोडमैप पेश करते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को उबरने के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया जाएगा. सरकार की आर्थिक नीतियों को एक ऐसे समय में पेश किया गया है, जहां आर्थिक मंदी का हवाला देते हुए सरकार पर विपक्ष के तेज़ हमले हो रहे हैं. खुद सरकार के शिवसेना जैसी सहयोगी भी सवाल उठा रहे हैं। आलोचकों ने आर्थिक मंदी के लिए जीएसटी और नोटबंदी जैसे केंद्र सरकार के फैसलों को जिम्मेदार ठहराया है. 

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष गर्ग ने भी भारत की अर्थव्यवस्थ की तरीफ की। सुभाष ने कहा कि महंगाई में लगातार गिरावट आई है और विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है। सुभाष गर्ग ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में मंहगाई लगातार नियंत्रण में रही। चालू खाता घाटा सुरक्षित दायरे में 2 प्रतिशत से कम रहा जिससे आत्मनिर्भरता बनी रही। विदेशी मुद्रा भंडार 400 अरब डॉलर के पार पहुंच गया जिससे भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ा।

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उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद 7.5 प्रतिशत के आस पास रहा। विकास और निवेश में तेजी आई। उत्पादकता बढ़ी तथा भ्रष्टाचार पर लगाम कसी गई विकास को गति देने के लिए बिजली, सड़क, आवास, रेल तथा छोटे और मध्यम उद्योगों पर सबसे ज्यादा खर्च किया गया। इन क्षेत्रों पर आगे भी और खर्च किया जाना है। इसके लिए 3 लाख 85 हजार करोड़ रुपए के खर्च का लक्ष्य रखा गया है।

 

वेब डेस्क, IBC24

Web Title : Arun Jaitley - India is moving fastest

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