इस होनहार युवा को 'नासा' से आया बुलावा, अब सूर्य पर करेंगे रिसर्च, केले के तना से बिजली पैदा कर कमाया था नाम

 Edited By: Anil Kumar Shukla

Published on 14 Jul 2019 02:59 PM, Updated On 14 Jul 2019 02:59 PM

भागलपुर। केले के तने से बिजली पैदा कर नाम कमाने वाले युवा वैज्ञानिक गोपाल का नाम तो आपने सुना ही होगा। अब बिहार के इस युवा को नासा से बुलावा आया है। जी हां अमेरिका के अंतरिक्ष रिसर्च संस्थान (नासा) ने उन्हें अपने नए प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए बुलावा भेजा है। यह प्रोजेक्ट है गोपनियम एलोई। इस प्रोजेक्ट के लिए गोपाल ने नासा से संपर्क किया था। और नासा ने उनके इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए स्वीकार कर लिया है।

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बता दें कि गोपाल भागलपुर के ध्रुवगंज खरीक बाजार के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि गोपनियम एलोई पर नासा के साथ काम करेंगे। अगर प्रोजेक्ट सफल रहा तो सूर्य का अध्ययन करना आसान हो जाएगा। गोपनियम एलोई हाफनियम, टेंटिलुनियम, कार्बन और नाइट्रोजन का मिश्रण है। उन्हें इसका आइडिया साइंस फिक्शन पर आधारित एक फिल्म से आया था।

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वहीं केले के थंब से बिजली पैदा होने की गोपाल की खोज पर आधारित प्रोजेक्ट का पेटेंट 2018 में हो चुका है। युवा वैज्ञानिक 'पेपर बायो सेल' और 'बनाना बायो सेल' की खोज के बाद 4 साल के लिए भारत सरकार के साथ अनुबंधित हैं और अभी इसका एक साल ही पूरा हुआ है।

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युवा वैज्ञानिक गोपाल वर्तमान में देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के लैब में काम कर रहे हैं। अभी वह केले के थंब से सेनिटरी नैपिकन, बैंडेज, यूरिया, बेबी पैंपर तैयार करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। गोपाल ने बताया कि केले के थंब से बिजली उत्पन्न करना आसान है। इसके लिए केले के थंब में दो इलेक्ट्रोड लगाना होता है जो बाजार में मिल जाता है। दोनों इलेक्ट्रोड से बिजली के तार जोड़कर, उन्हें बल्ब से कनेक्ट करने पर बल्ब जलने लगता है।

 

Web Title : Call this promising young man from 'NASA', now will do research on the sun

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