छग : कांग्रेस संगठन चुनाव, एक मत नहीं हो सके दिग्गज नेता, फंसा पेंच

Reported By: Aman Verma, Edited By: Aman Verma

Published on 20 Sep 2017 04:33 PM, Updated On 20 Sep 2017 04:33 PM

 

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस का संगठन चुनाव दिग्गजों की पसंद के बीच फंस गया है। करीब 10 संगठन जिला अध्यक्षों के नाम पर दिग्गज एक मत नहीं हो पा रहे हैं। लिहाजा, मंगलवार को दिल्ली में प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश चुनाव अधिकारी रजनी पटेल और मोतीलाल वोरा अन्य वरिष्ट  नेताओं के साथ हुई बैठक में भी अंतिम लिस्ट नहीं बन सकी। माना जा रहा है कि अब आखिरी सूची 25 तारीख को ही जारी होगी। मंगलवार को दिल्ली हुई में बैठक में छत्तीसगढ़ कांग्रेस से प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के अलावा सांसद छाया वर्मा, ताम्रध्वज साहू, सत्यनारायण साहू, धनेंद्र साहू, चरणदास महंत, रवींद्र चैबे, रामदयाल उईके और शिव डहरिया को बुलाया गया था। सभी से अलग-अलग बातचीत की गई।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस की अभियान समिति

सरगुजा, अंबिकापुर से लेकर बस्तर तक के पूरे इलाके के लिए टीएस सिंहदेव की राय निर्णायक रही। दुर्ग के लिए ताम्रध्वज साहू, रवींद्र चैबे और मोतीलाल वोरा से नाम मांगे गए। रायपुर के लिए धनेंद्र साहू और सत्यनारायण शर्मा से नाम मांगे गए थे। छाया वर्मा महिला कैंडिडेट पर फोकस रही। उनकी कोशिश ज्यादा से ज्यादा महिला पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर था। वहीं प्रदेश संगठन में एससी और एसटी  पदाधिकारियों के उचित प्रतिनिधित्व पर रामदयाल उईके और शिव डहरिया की राय ली गई।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया का ऐलान, भूपेश के नेतृत्व में लड़ेंगे चुनाव

रायपुर सीट के लिए वर्तमान जिला अध्यक्षों के नाम पर आखिरी आखिरी में पेंच फंस गया। शहर अध्यक्ष विकास उपाध्याय और ग्रामीण अध्यक्ष नारायण कुर्रे को दोबारा अध्यक्ष बनाए रखना लगभग फाइनल हो चुका था, लेकिन जैसे ही मोतीलाल वोरा ने कहा कि जो जिला अध्यक्ष रहेंगे वो किसी भी सूरत में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसके बाद भूपेश बघेल ने दोनों संगठन जिलों के लिए नाम फाइनल करने के लिए और वक्त मांग लिया। क्योंकि दोनों ही चुनाव लड़ने के दावेदार हैं। यानि माना जा यहां की कमान किसी और नेता के हाथ में थमाई जा सकती है।

Web Title : CG : Congress organization election, senior leaders are not made a solid vote

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