विधानसभा स्थगित, जोगी ने उठाया शराबबंदी का मुद्दा, कहा- मैं भी शराब पीता था, जानिए पूरी बात

 Edited By: Arjun Bartwal

Published on 09 Jan 2019 07:15 PM, Updated On 09 Jan 2019 07:18 PM

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही गुरुवार 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। गुरुवार को धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके पहले बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन पर चर्चा का प्रस्ताव दिया।

सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने सभी सदस्यों को नसीहत देते हुए कहा- हास-परिहास के दौरान सदन की गरिमा का ध्यान रखें। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन पर चर्चा का प्रस्ताव कांग्रेस विधायक अमरजीत भगत को देना था, लेकिन वे देरी से पहुंचे। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने राज्यपाल और सदन का अपमान बताते हुए सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश की।

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पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक अजीत जोगी ने सदन में शराबबंदी का मुद्दा उठाया। उन्होंने शराब को राज्य की बर्बादी का कारण बताया। सत्ता पक्ष ने घोषण पत्र में पूर्ण शराबबंदी का वादा किया है। मेरा मित्र भी शराब के कारण बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि 200 एकड़ का किसान शराब की लत से भूमिहीन हो सकता है। जोगी ने कहा कि वो भी शराब पीते थे। आदिवासी गांव है तो सब पीते थे और साथ में वो भी पीते थे। जोगी ने सरकार से पूर्ण शराबबंदी करने की मांग की।

जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का सबसे धनाढ्य प्रदेश है, लेकिन यहां का व्यक्ति सबसे गरीब है। पिछले 15 साल में प्रदेश में शराब की खपत 15 प्रतिशत बढ़ गई। यह छत्तीसगढ़ के खिलाफ साजिश है, ताकि हमारे संसाधनों को लूटा जा सके। उन्होंने कहा कि जब लगा कि शराब छोड़े बिना कुछ बना नहीं जा सकता तो शराब पीना छोड़ दिया। जोगी ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से निवेदन करता हूं कि शराब विक्रय के लिए जो नई अधिसूचना मंगाई है, उसे वापस लिया जाए और इस पर पुन: विचार किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने आज सदन में किसानों पूर्ण कर्ज माफ करने की मांग भी रखी।

विपक्ष ने कर्जमाफी पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों से लोन लेने वाले किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ। ऐसे में सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि खेती के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों के लोन लेने वाले किसानों का भी कर्ज माफ होगा। उन्होंने अनुपूरक बजट की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि जनता से जो वादा किया है उसे जरूर पूरा करेंगे। सीएम ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों की रिपोर्ट मंगाई है, जो एक-दो दिन में आ जाएगी। आते ही कर्जमाफी कार्यवाही शुरू करेंगे।

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