छत्तीसगढ़ के समाजसेवी पद्मश्री गणेश दामोदर बापट का निधन, पिछले कई दिनों से थे अस्पताल में भर्ती

 Edited By: Vivek Mishra

Published on 17 Aug 2019 08:09 AM, Updated On 17 Aug 2019 07:41 AM

जांजगीर। जांजगीर-चांपा जिले के सोंठी गांव के रहने वाले पद्मश्री सम्मान से सम्मानित दामोदर गणेश बापट का 87 साल की उम्र निधन हो गया है। बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में देर रात उनका निधन हुआ है। पिछले कई दिनों से इस अस्पताल उनका इलाज चल रहा था। दामोदर गणेश बापट का पार्थिव शरीर चाम्पा के सोंठी आश्रम में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। उन्होंने देहदान संकल्प लिया था, जिसके चलते उनका देहदान किया जाएगा।

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बता दे कि पिछले करीब 40 साल से कुष्ठ आश्रम में दामोदर गणेश बापट लोगों की सेवा में जुटे थे। इस कुष्ठ आश्रम की स्थापना सन 1962 में कुष्ठ पीड़ित सदाशिवराव गोविंदराव कात्रे द्वारा की गई थी, जहां गणेश दामोदर बापट सन 1972 में सोंठी कुष्ठ आश्रम पहुंचे और कात्रे जी के साथ मिलकर उन्होंने कुष्ठ पीड़ितों के इलाज और उनके सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास के लिए सेवा के अनेक प्रकल्पों की शुरूआत की।

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दामोदर गणेश बापट, मूलतः महाराष्ट्र के अमरावती के ग्राम पथरोट के रहने वाले थे, लेकिन उन्होंने छग की पवित्र धरती को अपना जीवन समर्पित कर कुष्ठ पीड़ितों की सेवा में लगा दिया। 87 साल के समाजसेवी दामोदर गणेश बापट के व्यक्तित्व से समाज को सीख मिलती है कि कुष्ठ पीड़ितों की सेवा कर उनमें बढ़ रही भिक्षावृत्ति को खत्म किया। और हजारों कुष्ठ पीड़ितों को नया जीवन देने का काम किया था। अप्रैल 2018 में उन्हें पद्मश्री सम्मान मिला था।

Web Title : Chhattisgarh philanthropist Padma Shri Ganesh Damodar Bapat died, treatment was going on for the last several days

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