छत्तीसगढ़ के समाजसेवी गणेश दामोदर बापट को पद्मश्री सम्मान, CM रमन ने दी शुभकामनाएं

Reported By: Aman Verma, Edited By: Aman Verma

Published on 26 Jan 2018 10:50 AM, Updated On 26 Jan 2018 10:50 AM

जांजगीर-चांपा जिले के सोंठी गांव स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ के प्रमुख समाजसेवी 82 वर्षीय दामोदर गणेश बापट को पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय की सूचना के बाद समाजसेवी दामोदर गणेश बापट के शुभचिंतकों ने खुशी जाहिर की है। पद्मश्री अलंकरण की घोषणा के बाद समाजसेवी दामोदर गणेश बापट ने कहा कि भारत देश में जिसने जन्म लिया, वह सब पद्मश्री है। सरकार की सम्मान देने की अपनी व्यवस्था है, लेकिन हर भारतवासी खुद ही पद्मश्री हैं। 

छत्तीसगढ़ को अपनी कर्म भूमि बनाकर सेवा करने वाले बापट को मिले इस सम्मान पर मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह ने उन्हे बधाई देते हुए उनके लंबे स्वस्थ्य जीवन की कामना की है।

आपको बता दें कि दामोदर गणेश बापट ने कहा कि कुष्ठ पीड़ितों की सेवा से आत्मीय शांति मिलती है, इसलिए 45 बरसों से सेवा में लगा हूं और यह सेवा की यात्रा अंतिम सांस तक जारी रहेगी। चांपा से आठ किलोमीटर दूर ग्राम सोंठी में भारतीय कुष्ठ निवारक संघ द्वारा संचालित कुष्ठ आश्रम में कुष्ठ पीड़ितों की सेवा के लिए दामोदर गणेश बापट ने अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया है।

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इस कुष्ठ आश्रम की स्थापना सन 1962 में कुष्ठ पीड़ित सदाशिवराव गोविंदराव कात्रे द्वारा की गई थी, जहां गणेश दामोदर बापट सन 1972 में सोंठी कुष्ठ आश्रम पहुंचे और कात्रे जी के साथ मिलकर उन्होंने कुष्ठ पीड़ितों के इलाज और उनके सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास के लिए सेवा के अनेक प्रकल्पों की शुरूआत की, दामोदर गणेश बापट, मूलतः महाराष्ट्र के अमरावती के ग्राम पथरोट के हैं, लेकिन उन्होंने छग की पवित्र धरती को अपना जीवन समर्पित कर कुष्ठ पीड़ितों की सेवा में लगा दिया। 82 साल के समाजसेवी दामोदर गणेश बापट के व्यक्तित्व से समाज को सीख मिलती है कि कुष्ठ पीड़ितों की सेवा कर उनमें बढ़ रही भिक्षावृत्ति को खत्म किया और हजारों कुष्ठ पीड़ितों को नया जीवन देने का काम किया है।

 

वेब डेस्क, IBC24

Web Title : Chhattisgarh's social worker Ganesh Damodar Bapat honored by Padmashri

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