मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मानी आंदोलन कर रहे आदिवासियों की मांगें, शिवराज ने कहा- …तो मामा खून बहाएगा

 Edited By: Sanjeet Tripathi

Published on 18 Jun 2019 04:31 PM, Updated On 18 Jun 2019 04:31 PM

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आंदोलन कर रहे आदिवासियों की मांगें मान ली है। पूर्व सीएम शिवराज सिंह के साथ आदिवासियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। आदिवासियों ने अपनी मांगें पूरी होने के बाद विजय जुलूस भी निकाला।

वहीं आदिवासियों की मांगों को लेकर कमलनाथ से चर्चा पर शिवराज ने कहा कि आदिवासियों की सभी मांगे सरकार ने मान ली है। सरकार के होश ठिकाने आ गए, अक्ल ठिकाने लग गई। भोपाल कलेक्टर ने आकर कहा कि सीएम बात करने को तैयार हैं चलो, तब जाकर हमने अफसरों के साथ सीएम से बात की। मामा मुख्यमंत्री नहीं है लेकिन किसी से कम भी नहीं है।

शिवराज ने कहा कि आदिवासियों का पसीना गिरेगा तो मामा खून बहाएगा। वन विभाग और आबकारी विभाग ने जो फर्जी मामले बनाए हैं, सरकार वो जांच के बाद वापस लेगी। वन जमीन पर गेहूं चना की तुलाई जो बची है, सरकार वो खरीदेगी। आदिवासी वन भूमि पट्टे से बेदखल नहीं किये जाएंगे। जमीन से कब्जा नहीं हटेगा, उसी जमीन पर रहेंगे। सरकार मक्का की फसल और कुए में ब्लास्टिंग की परमिशन भी देगी।

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पूर्व सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पंचायतों का सीमांकन और तेंदूपत्ते को लेकर भी भरोसा दिलाया है। ट्रैक्टर जब्त नहीं होगा, आदिवासी नशा मुक्त अभियान चलाएंगे। लेकिन परम्पराओं से खिलवाड़ भी नहीं होने देंगे। आदिवासियों को पट्टे, सहकारी बैंक खाद-बीज लोन भी देंगे। वन ग्राम राजस्व ग्राम में तेजी से बदले जाएंगे। बिजली कनेक्शन भी आदिवासियों के घर तक जल्दी पहुंचेंगे।

Web Title : Chief Minister Kamal Nath accepted the demands of tribals

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