हिंसक हालात के लिए चीन ने भारतीय सेना को ठहराया जिम्मेदार, इंडियन आर्मी ने LAC क्रॉस कर चीनी अफसरों को उकसाया | China holds Indian army responsible for violent situation

हिंसक हालात के लिए चीन ने भारतीय सेना को ठहराया जिम्मेदार, इंडियन आर्मी ने LAC क्रॉस कर चीनी अफसरों को उकसाया

हिंसक हालात के लिए चीन ने भारतीय सेना को ठहराया जिम्मेदार, इंडियन आर्मी ने LAC क्रॉस कर चीनी अफसरों को उकसाया

:   Modified Date:  November 29, 2022 / 07:50 PM IST, Published Date : June 18, 2020/8:36 am IST

नई दिल्ली। लद्दाख के गलवान घाटी पर भारत-चीन सेना में खूनी संघर्ष के बीच चीन विदेश मंत्रालय से बड़ा बयान सामने आया है। चीनी प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि भारतीय सेना ने वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार किया।

 

पढ़ें- UNSC में भारत का बजा डंका, अस्थाई सदस्य चुना गया, पाकिस्तान ने जताई…

चीन अधिकारियों और सैनिकों को भड़काया और हमला किया। प्रवक्ता ने आगे कहा कि भारतीय सेना के कारण ही इस तरह के हिंसक हालात बने और दोनों देशों के सैनिक हताहत हुए।

पढ़ें- भारत और चीन के बीच झड़प में 20 सैनिक शहीद, 43 चीनी सैनिक हुए हताहत,…

बता दें इस अहम मसल पर दोनों देशों के मेजर जनरल स्तर की बातचीत जारी है। बुधवार को बैठक बेनतीजा रही थी। दोनों देशों के बीच आज फिर से विवाद का हल निकालने बैठक हो रही है। 

पढ़ें- पुरी जगन्नाथ रथयात्रा पर लगी रोक, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इस साल भगवान हमें माफ…

ऐसे बने हिंसक हालात

बता दें भारत और चीन के सैनिकों के बीच सोमवार रात हुई हिंसक झड़प करीब सात घंटे तक चली थी। इसकी शुरुआत शाम 7 बजे के आस-पास हुई थी। शहीद कर्नल संतोष बाबू की टुकड़ी पेट्रोल प्वाइंट 14 पर पहुंची थी जहां चीनी सैनिकों ने डेरा डाल रखा था। भारतीय सैनिक प्रोटोकॉल के तहत हथियार साथ नहीं ले गए थे। इस सीमा पर दोनों ही तरफ के जवान सामान्य तौर पर बंदूकें साथ नहीं रखतेष अगर रखते भी हैं तो बंदूक पीठ पर होती है और गोलियों की मैगजीन जेब के भीतर।

पढ़ें- देश में बीते 24 घंटे में 12,881 नए कोरोना पॉजिटिव मिले, 334 ने तोड़…

भारतीय सैनिकों और चीनी सैनिकों के बीच यहीं से बहस और धक्कामुक्की की शुरुआत हुई। कर्नल बाबू और उनकी 50 जवानों की टुकड़ी चीनी सैनिकों को वो पोस्ट खाली करने को कहा था तो मना कर दिया गया। शुरुआती धक्कामुक्की मारपीट और झगड़े में तब्दील हो गई। दोनों तरफ के जवान एक दूसरे के साथ लड़ाई में उलझ गए। भारतीय सैनिकों ने चीनी टेंट उखाड़ दिए। इसके बाद जो हिंसक और खूनी झड़प शुरू हुई वो करीब सात घंटे तक चलती रही।

पढ़ें- थप्पड़ कांड में गिरफ्तार हुई भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट, 20 हजार के .

दोनों तरफ के सैनिकों ने एक दूसरे पर पत्थरों से हमले किए। इसके बाद चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर कटीले तारों वाले आयरन रॉड से हमले शुरू कर दिए। इसकी भारतीय सैनिकों को उम्मीद नहीं थी। चीनी सैनिकों की तरफ से बिल्कुल प्लान करके किया गया। दोनों ही तरफ के कुछ सैनिक नदी में गिर गए। बाद में मंगलवार सुबह उनके शव मिले।

पढ़ें- इस राज्य में अल्पमत में आई BJP सरकार, 3 ​विधायक कांग्रेस में शामिल,…

विवाद के वक्त वहां करीब 250 चीनी सैनिक मौजदू थे जबकि भारतीय सैनिक सिर्फ 50 के आस-पास थे। कम संख्या में होने के बावजूद भारतीय सैनिक अपनी जगह से पीछे नहीं हटे और चीनी सैनिकों से पोस्ट हटाने की मांग पर अड़े रहे। लेकिन चीनियों ने न सिर्फ पीछे हटने से मना किया बल्कि ऐसा लग रहा था जैसे वो इस विवाद के लिए पहले से तैयार थे। चीनियों के साथ हुई पहली झड़प में कर्नल बाबू और दो अन्य सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

पढ़ें- जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा, शहीदों को श्रद्धांजलि देकर पीएम .

एक घंटे के भीतर ही भारत की तरफ से मदद भेजी गई और इसके बाद दोनों तरफ के पांच सौ सैनिकों के बीच घंटों तक ये हिंसक झड़प चली। इस झड़प में भारत के 20 सैनिकों को शहादत मिली है जबकि 18 अब भी गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं चीन की तरफ 40 से 45 मौतों की बात कही जा रही है।