सीएम बघेल ने निलंबन की कार्रवाई को ठहराया सही, मामले को बताया निजता हनन, कूट रचना करने वालों पर कार्रवाई उचित

 Edited By: Abhishek Mishra

Published on 09 Feb 2019 05:17 PM, Updated On 09 Feb 2019 05:14 PM

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नान घोटाला मामले में डीजी मुकेश गुप्ता और रजनेश सिंह का निलंबन की कार्रवाई को सही ठहराया है। सीएम बघेल ने कहा है कि ''जो कूट रचना करे, छेड़छाड़ करे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी और हुई। यह बहुत गंभीर मामला है, निजता का हनना है। पहले जो सुनाई में आ रहा था वह दिखाई भी दे रहा है''।

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वहीं गहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने निलंबन की कार्रवाई को सही ठहराते हए कहा है कि एसआईटी गठन में जांच के बाद फैसला लिया गया है। सीएम भूपेश के आदेश पर गृह विभाग कार्रवाई करता है। सारी चीजें सीएम के जानाकारी के मुताबिक किया जाता है। प्रकरण सामने के बाद सरकार ने जांच कर निर्णय ली है।

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आपको बतादें नान घोटाला मामले में डीजी मुकेश गुप्ता और एसपी रजनेश सिंह को निलंबित किया गया है। ईओडब्ल्यू ने दोनों पर एक दिन पहले ही एफआईआर दर्ज की थी। दोनों पर नान घोटाला मामले पर फोनटेप करने के साथ सबूतों में छेड़छाड़ करने का 

दोनों अफसरों के खिलाफ करीब 12 अलग-अलग धाराओं के तहत केस रजिस्टर किया गया है। DG और SP जैसे अफसरों के खिलाफ अपराध दर्ज करने का छत्तीसगढ़ का ये शायद पहला मामला है। मुकेश गुप्ता और रजनेश सिंह पर मिथ्या साक्ष्य गढ़ने, अपराधिक साजिश रचने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, अवैध रुप से फोन टैपिंग कराने के साथ ही न्यायालयीन प्रक्रिया को गुमराह करने का केस रजिस्टर किया गया है। मुकेश गुप्ता पर ये आरोप भी है कि नान घोटाले की जांच करते वक्त उन्होंने जब्त हुई केस डायरी के कुछ पन्नों को जांच में शामिल नहीं किया।

Web Title : cm baghel statement on nan scame

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