कलेक्टर बने मतगणना कर्मी और सीईओ ने संभाला ऑब्जर्वर का काम, जानिए क्या है माजरा

 Edited By: Sanjeet Tripathi

Published on 17 May 2019 08:23 PM, Updated On 17 May 2019 08:23 PM

रायपुर। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 23 मई को होने वाली मतगणना के लिए अधिकारियों का प्रशिक्षण अधिक व्यावहारिक रूप से पूरा हो सके इसलिए शुक्रवार को प्रशिक्षण स्थल मतगणना हॉल में बदला हुआ नजर आया।  सर्किट हाउस के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षण हॉल के साथ ही एक आदर्श मतगणना केंद्र की स्थापना की गई थी। इस मतगणना हॉल में प्रत्येक छोटे- बड़े विषयों और तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया था ।

मतगणना के दौरान मतगणना हॉल में कितने टेबल लगाए जाने हैं, टेबल किस प्रकार लगाए जाने हैं, प्रेक्षक तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारी के बैठने का स्थान क्या होना चाहिए, प्रत्याशी, उनके अधिकृत प्रतिनिधि और मतगणना अभिकर्ता किन स्थानों पर बैठेंगे तथा वीवीपैट की गणना के लिए कौन सा टेबल निर्धारित किया जाए, डाक मतपत्र की गणना कहां हो समेत अन्य कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल करते हुए मतगणना हॉल का मॉडल बनाया गया था।

प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक अनुभव कराने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने सभी रिटर्निंग अधिकारियों के साथ मिलकर आदर्श मतगणना हॉल का अवलोकन किया और सभी ने मतगणना हॉल मैं बैठकर मतगणना गतिविधियों को व्यावहारिक रूप से समझने की कोशिश की। इस दौरान मतगणना हॉल में सीईओ ने मतगणना के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की।

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इस डेमो मतगणना के दौरान अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉक्टर एस भारतीदासन, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी समीर बिश्नोई, पद्मिनी भाई साह, डॉ केआरआर सिंह, सभी रिटर्निंग एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी मौजूद थे।

Web Title : Collector became vote counting person and CEO takes over as observer know what is the matter

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