आदिवासी वोट बैंक को साधने में लगी कांग्रेस..

Reported By: Abhishek Mishra, Edited By: Abhishek Mishra

Published on 25 May 2017 12:47 PM, Updated On 25 May 2017 12:47 PM

 

कांग्रेस अपने पुराने वोट बैंक आदिवासी समुदाय को अपने पाले में वापस लाने की कोशिशों में जुट गई है। इसके लिए राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर के आदिवासी नेताओं के साथ करीब चार घंटे मंत्रणा की है। इस दौरान कारण भी तलाशे गए, जिसकी वजह से आदिवासी छिटके हैं। छत्तीसगढ़ के नेताओं ने आदिवासियों से नजदीकी बढ़ाने के सुझाव के साथ उपेक्षा की शिकायत भी की है। 

एक वक्त था, जब आदिवासी कांग्रेस के पक्के वोट बैंक हुआ करते थे, लेकिन अब देशभर के अधिकांश आदिवासी सीटों पर कांग्रेस के सांसद, विधायक नहीं हैं। कांग्रेस इन सीटों को वापस पाने जद्दोजहद कर रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में छत्तीसगढ़ समेत देशभर के करीब सौ आदिवासी नेताओं से इस मसले पर करीब चार घंटे चर्चा की। बैठक में छत्तीसगढ़ से कवासी लखमा, मोहन मरकाम, प्रीतम राम, दीपक बैज, तेजकुंवर नेताम, गंगा पोटाई, शंकर ध्रुवा, एस एस सोरी, लखेश्वर बघेल समेत कई नेता शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ के नेताओं ने राहुल गांधी के सामने मुखर होकर कहा कि जिन अदिवासी सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं, उनकी उपेक्षा होती है। उन्होंने आदिवासियों में पार्टी की ताकत बढ़ाने के लिए संगठन में भी आदिवासियों को अहमियत देने पर जोर दिया। वहीं आदिवासियों के मुद्दे नहीं उठाने को लेकर पार्टी के नेतृत्व पर भी आदिवासी नेताओं ने सवाल उठाए।

बैठक में रामदयाल उइके ने आदिवासी संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन और उसमें राष्ट्रीय नेताओं की भागीदारी पर जोर दिया, तो मोहन मरकाम ने वन अधिकार पत्र के मामलों को प्रभावी ढंग से उठाकर आदिवासियों को जोड़ने का सुझाव दिया। बैठक में मनोज मंडावी ने बस्तर के 900 गांवों के खाली होने और आदिवासी महिलाओं के साथ लगातार हो रहे बलात्कार के मामलों को प्रभावी ढंग से नहीं उठाने के लिए उन्होंने पार्टी नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। 

पुराने आदिवासी नेताओं को पार्टी में वापस लाने पर भी चर्चा हुई। पूर्व मंत्री तुलेश्वर सिंह की वापसी के बाद शंकर सोढ़ी की वापसी भी तय हो गई है। जाहिर है पार्टी एक बार फिर आदिवासी हितों की राग आलापने की तैयारी कर रही है, देखना ये है कि इससे कांग्रेस का कितना हित होता है..?

Web Title : Congress engaged in tribal vote bank

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