और...कांग्रेस के अगले अध्यक्ष हैं?

  Blog By: Puneet Pathak

आखिर कौन संभालेगा कांग्रेस की कमान, नए अध्यक्ष को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों की स्थिति 10 अगस्त को खत्म होने के आसार हैं। दिल्ली में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक में एके एंटनी, अहमद पटेल और केवी वेणुगोपाल जैसे पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सोनिया गांधी के आवास पर हुई इस बैठक के बाद से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे एक नाम उभरा है मुकुल वासनिक का। वैसे अगर कोई नाम तय ना भी पाया तो पार्टी कम से कम अपना नया अंतरिम अध्यक्ष तो चुन ही लेगी क्योंकि मीटिंग से पहले बनी रणनीति में ये साफ है कि अब इसमें देर नहीं की जाएगी।

लोकसभा चुनावों में बड़ी हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और फिर पार्टी में जिम्मेदारी लेने और इस्तीफा देने का चलन सा बन गया, विरोधियों ने इसे राहुल का ‘रणछोड़’ रूप बताया तो वहीं कांग्रेस ने इसे आदर्श मिसाल के तौर पर स्थापित करने की भरसक कोशिश। हालांकि, पार्टी की लगातार छीछलेदार होती रही। पार्टी का हर बड़ा-छोटा नेता मनाने और समझाने दिल्ली दौड़ लगाता नज़र आया लेकिन राहुल गांधी नहीं माने और आखिरकार पार्टी को नए अध्यक्ष को लेकर किसी और चेहरे की सर्च पर जाना ही पड़ा।   

जानकारी के मुताबिक 10 अगस्त शनिवार को होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में दो दशकों में पहली बार गांधी परिवार से बाहर के किसी शख़्स को पार्टी की कमान सौंपी जा सकती है। 134 सालों के पार्टी के इतिहास में कुछ-कुछ वक्त को छोड़कर ज्यादातर समय गांधी-नेहरू परिवार के सदस्य ही पार्टी प्रमुख रहा।   

बताया जा रहा है कि शनिवार की CWC मीटिंग में राहुल गांधी को औपचारिक तौर पर उनके अध्यक्ष टर्म की बधाई देते हुए धन्यवाद दिया जाएगा, अगर ऐसा हुआ तो अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी का कार्यकाल महज 20 महीने का ही होगा।

कौन-कौन हैं दावेदार

पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक अंतरिम अध्यक्ष की रेस में प्रबल दावेदार हैं इसके अलावा सीनियर नेताओं में मल्लिकार्जुन खड़गे को भी ये जिम्मेदारी मिल सकती है।

पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा के नाम की भी अटकलें लगाई जा रही हैं ।

वैसे इस मीटिंग के पहले भी युवा नेतृत्व पर बल देते हुए राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम की काफी चर्चा रही है लेकिन सूत्रों के मुताबिक धार 370 पर पार्टी लाइन से हटकर फैसले की तारीफ कर सिंधिया इस दौड़ से बाहर हो चुके हैं ।

और क्या-क्या हो सकता है ?

इस बात के भी पूरे आसार हैं कि गांधी परिवार से बाहर के चेहरे पर पार्टी कोई आम राय ना बना सके..इस स्थिति में अंतरिम अध्यक्ष के साथ-साथ एक और विकल्प हर उम्र वर्ग और गुट के नेताओं की विशेष कमेटी या पैनल को अधिकार सौंपे जा सकते हैं ।

ये भी हो सकता है कि ये पैनल इस साल के अंत तक संगठन में चुनाव कराकर किसी पूर्णकालिक अध्यक्ष का चुनाव की प्रक्रिया तय कर दे ।

क्या होंगी सबसे बड़ी चुनौतियां ?

जो भी कांग्रेस की कमान संभालेगा उसके सामने सबसे पहली और बड़ी सियासी चुनौती होगी अनुच्छेद 370 पर पार्टी में मचे घमासान और मुखतलिफ राय को एकरूप कर पार्टी स्टैंत तय करना ।

कौन हैं मुकुल वासनिक

महाराष्ट्र में कांग्रेस के सीनियर नेता हैं मुकुल वासनिक

तीन बार के सांसद बालकृष्णा वासनिक के बेटे मुकुल वासनिक

मुकुल वासनिक के पिता बालकृष्ण वासनिक कांग्रेस के दिग्गज नेता थे

वो महाराष्ट्र के बुलढाना से 28 साल की उम्र में लोकसभा सांसद चुने गए थे

मुकुल वासनिक यूपीए सरकार में सामाजिक न्याय-आधिकारिता मंत्री रहे

2009 लोकसभा चुनाव में मुकुल वासनिक महाराष्ट्र के रामटेक सीट से जीते थे

2009 से पहले मुकुल अपने पिता की सीट बुलढाना से चुनाव लड़ते रहे

1984 से 1986 तक मुकुल वासनिक कांग्रेस के छात्र संगठन अध्यक्ष रहे

1988 से 1990 के दौरान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रहे

1984 में बालकृष्ण वासनिक ने बेटे मुकुल वासनिक के बुलढाना सीट खाली की

1984 में वो सबसे कम उम्र के सांसद बने

1989 के अगले चुनाव में मुकुल वासनिक बुलढाना से हार गए

हारने के बाद भी मुकुल वासनिक पार्टी के भीतर जिम्मेदारियां निभाते रहे

 

Web Title : CWC likely to decide new Congress chief tomorrow!

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