'पर्यावरण और परंपरा दोनों महत्वपूर्ण, इसलिए पारंपरिक दिवाली मनाएंगे'

Reported By: Pushpraj Sisodiya, Edited By: Pushpraj Sisodiya

Published on 18 Oct 2017 03:10 PM, Updated On 18 Oct 2017 03:10 PM

दिवाली पर आतिशबाज़ी को लेकर देश में छिड़ी बहस के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज बयान दिया है कि दिवाली पारंपरिक तरीके से मनाएंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन परंपरा भी महत्वपूर्ण है, इसलिए हम पारंपरिक दिवाली मनाएंगे।

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दिल्ली-एनसीआर में इस साल 1 नवंबर तक पटाखों की बिक्री पर पाबंदी लगाई गई है और सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर न सिर्फ सोशल मीडिया पर बल्कि भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने भी नाराजगी जताई है।

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पिछले साल दिवाली पर दिल्ली-एनसीआर में जानलेवा धुएं की चादर एक हफ्ते तक छाई रही थी, जिसमें अस्थमा के मरीजों के अलावा सांस लेने की तकलीफ को लेकर बड़ी संख्या में लोगों को अस्पतालों में दाखिल होना पड़ा था।

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बाद में मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा और इस साल जब 1 नवंबर तक के लिए दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगी तो इसके बाद इस फैसले को सांप्रदायिक रंग देने की टिप्पणियों की भरमार हो गई।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले को एकपक्षीय तक करार दिया गया और समुदाय विशेष के त्योहारों से ही जोड़कर देखा जाने लगा। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस व्यवहार और इस तरह की प्रतिक्रियाओं पर दुख भी जताया।

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मध्यप्रदेश के कई भाजपा नेताओं के इस विषय पर लगातार बयान आ रहे हैं और अब मामा के नाम से मशहूर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बयान दिया है। शिवराज सिंह ने कहा कि सिर्फ पटाखों से ही प्रदूषण नहीं होता, प्रदूषण में सिर्फ पटाखों की ही भूमिका नहीं होती।

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उन्होंने कहा कि हम मिट्टी के दीये भी जलाएंगे और कुछ पटाखे भी छोड़ेंगे। इससे पहले, उन्हीं की सरकार के एक और मंत्री ने भी बयान दिया था कि मध्य प्रदेश के लोग अपने दिल्ली वाले मित्रों को दिवाली पर यहां आमंत्रित कर सकते हैं क्योंकि यहां दिवाली हर साल की तरह ही मनाई जाएगी।

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शिवराज सिंह चौहान ने इससे पहले अपने ट्वीटर हैंडल पर धनतेरस को लेकर कई ट्वीट किए –

‘ धनतेरस पर आज मैंने भी परिवार के साथ ख़रीदारी की। भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की प्रतिमा और चाँदी का सिक्का लिया। कांसे की छोटी सी थाली ली।‘

‘दीपावली का त्योहार जो आज धनतेरस से प्रारम्भ हो रहा है,सबके लिए समृद्धि का संदेश लाये। सबका मंगल, कल्याण हो। धन-धान्य से प्रदेश परिपूर्ण रहे।‘

‘आज धनतेरस पर यही कामना कि माँ लक्ष्मी की कृपा आप सब पर बरसे। समाज के हर वर्ग का कल्याण हो। जनता प्रसन्न और आनंदित रहे। शुभकामनाएँ!’

‘पावन पर्व धनतेरस पर माँ लक्ष्मी की निवास पर सपरिवार पूजा-अर्चना कर 7.5 करोड़ प्रदेशवासियों की सुख, शांति, समृद्धि के लिए मंगल कामना की।‘

 

 

परमेंद्र मोहन, वेब डेस्क, IBC24

Web Title : Environment and tradition are important both, therefore, traditional Diwali will celebrate - Shivraj

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