बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक साल में किए 36849 मामले निराकृत

Reported By: Sharad Agrawal, Edited By: Renu Nandi

Published on 07 Jan 2019 09:51 AM, Updated On 07 Jan 2019 09:51 AM

पेंड्रा।बिलासपुर हाईकोर्ट में पिछले साल चीफ जस्टिस सहित 16 जजों ने 36849 मामले निराकृत किए हैं। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत यह जानकारी सामने आई है। औसतन 3070 मामले हर माह निराकृत किए जा रहे हैं। मामले की प्रकृति के मुताबिक सर्विस, जमानत और रिट पिटीशन सबसे ज्यादा निराकृत किए गए हैं। वहीं, दिसंबर की स्थिति में हाईकोर्ट में पेंडेंसी 63574 है।
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बता दें कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत एडवोकेट संतोष पाण्डेय ने हाईकोर्ट से सिंगल और डिवीजन बेंचों में निपटाए गए मामलों की संख्या की जानकारी मांगी थी। हाईकोर्ट के जनसूचना अधिकारी ने उन्हें जनवरी 2018 से नवंबर 2018 तक जानकारी मुहैया करवाई है। वहीं, दिसंबर में निपटाए गए मामलों की जानकारी वेबसाइट पर है।
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ज्ञात हो कि चीफ जस्टिस सहित 16 जजों ने पिछले साल 36849 मामलों पर अंतिम निर्णय- आदेश जारी किए हैं। रोस्टर के मुताबिक सबसे ज्यादा सर्विस से जुड़े करीब 6400 मामले निराकृत किए गए। वहीं, दूसरे स्थान पर जमानत- अग्रिम जमानत के करीब 6028 मामले निपटाए गए। 5186 रिट पिटीशन पर अंतिम आदेश- निर्णय लिए गए। हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस सहित 22 जजों के पद मंजूर हैं, लेकिन स्थापना के बाद ही हाईकोर्ट में जजों की कमी बनी हुई है। पिछले दो-तीन सालों में जजों की संख्या कुछ बढ़ी है। वर्तमान में भी चीफ जस्टिस सहित 16 जज कार्यरत है। जजों की संख्या बढ़ने से अब पेंडेंसी कुछ हद तक कम होने लगी है। दिसंबर 2018 की स्थिति में हाईकोर्ट में 63574 मामले लंबित हैं, इसमें से सिविल मामलों की संख्या 38430 है। वहीं, 25144 क्रिमिनल मामले लंबित हैं।

Web Title : HC DECISIONS:

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