High Court notice, reduction of Tiger reserve forest area | हाईकोर्ट का नोटिस, टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट का क्षेत्रफल कम करने का मामला, 3 हफ्ते में मांगा जवाब.. देखिए

हाईकोर्ट का नोटिस, टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट का क्षेत्रफल कम करने का मामला, 3 हफ्ते में मांगा जवाब.. देखिए

Reported By: Manoj Singh, Edited By: Abhishek Mishra

Published on 18 Jun 2019 12:35 PM, Updated On 18 Jun 2019 12:35 PM

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट का क्षेत्रफल कम किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में पेश एक याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस की डिविजन बेंच ने शासन को नोटिस जारी किया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। दरअसल बस्तर के बीजापुर में बाघ, वन भैंसा सहित अन्य वन्य जीवों के संरक्षण के लिए 1983 में इंद्रावती टाइगर रिजर्व की स्थापना की गयी थी। रिजर्व फॉरेस्ट के अंदर 85 गांवों की बसाहट है। इसका बफर जोन 1540 वर्ग किलोमीटर और कोर जोन 1250 वर्ग किलोमीटर है।

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जबकि कुल क्षेत्रफल 2800 वर्ग किलोमीटर है राज्य शासन ने टाइगर रिजर्व के अंदर बसे गांवों के विकास के लिए रिजर्व का क्षेत्रफल कम करने और गांवों को राजस्व ग्राम में शामिल करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था। राष्ट्रीय स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद राज्य शासन ने रिजर्व फॉरेस्ट का क्षेत्रफल कम करने की प्रक्रिया शुरू की है।

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इसके खिलाफ बीजापुर के रहने वाले लक्ष्मी चौहान और अशोक मिश्रा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिविजन बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह में जवाब मांगा है।

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Web Title : High Court notice, reduction of Tiger reserve forest area

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