क्या केंद्र में भाजपा की वापसी से सरकारी कर्मचारियों को होगा मुनाफा, इस सूत्र से मूल वेतन में हो सकती है बढ़ोतरी

 Edited By: Deepak Dilliwar

Published on 21 May 2019 03:56 PM, Updated On 21 May 2019 03:47 PM

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर मतदान संपन्न होने के बाद सियासी गलियारों का माहौल शांत होने ही वाला ​था कि एग्जिट पोल ने एक बार फिर पारा गरमा दिया है। वहीं, दूसरी ओर जारी एग्जिट पोल से सरकारी कर्मचारियों को झटका लगते नजर आ रहा है। बता दें कि पिछली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के मूल न्यूनतम वेतन में वृद्धि की मांग को नजर अंदाज कर दिया था। अगर एग्जिट पोल के आंकड़ें सही होते हैं और मोदी सरकार सत्ता में वापस आती है तो केंद्रीय कर्मचारियों को झटका लग सकता है।

Read More: कांग्रेस नेता मर्डर केस मामले में गवाह को मिल रही धमकी, एसपी को बताया जान का खतरा.. देखिए

सोचान वाली बात यह है कि क्या मोदी सरकार सत्ता में वापस आने के बाद कर्मचारियों के उन मांगों पर विचार करगी जिसकी मांग वे पिछले 5 साल से कर रहे हैं। बता दें कि कर्मचारियों की मांग थी कि उनके न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपए से बढ़ाकर 26,000 रुपए कर दिया जाए। लेकिन दूसरी ओर सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार कर्मचारियों की मांग को पूरा नहीं करेगी, क्योंकि सरकार ने संसद में पहले ही कहा दिया था मौजूदा पे पैनल से संबंधित समस्या बंद हो गई थी।

Read More: EVM के साथ VVPAT पर्चियों के मिलान की नहीं बढ़ाई जाएगी संख्या, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

केंद्र की भाजपा सरकार पर सरकारी कर्मचारियों द्वारा लगातार आरोप लगाए जाते रहे हैं कि उन्होंने इन मुद्दों को कभी। ध्यान नहीं दिया। चाहे नरेंद्र मोदी का कार्यकाल हो या दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का कार्यकाल हो। अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में पे स्केल लागू किया जाना था, लेकिन नहीं किया गया। अगली सरकार ने फिर कर्मचारियों की मांग को ध्यान में रखते हुए पे स्केल में बढ़ेातरी की।

Read More: कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने एग्जिट पोल को बताया सट्टेबाजों की साजिश, कहा- फंसा पैसा 

सरकार अकसर पे स्केल में संशोधन को लेकर अयोक्रॉयड सूत्र का हवाला देती है। अगर इसे लागू किया जाता है तो केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर होगी। न्यायमूर्ति एके माथुर ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकार को मूल्य सूचकांक के आधार पर उपलब्ध आंकड़ों में हर वेतन की समीक्षा करनी चाहिए। वहीं आयोग ने सिफारिश की ​थी कि दस वर्षों की लंबी अवधि की प्रतीक्षा किए बिना वेतन मैट्रिक्स की समय-समय पर समीक्षा की जा सकती है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन की समीक्षा आयक्रोइड फॉर्मूले के आधार पर की जा सकती है, जो एक आम आदमी के परिवर्तन मूल्यों को ध्यान में रखता है।

Web Title : if BJP Governement will back in india they gave major shock to government employee

जरूर देखिये