जम्मू कश्मीर में परिसीमन को लेकर चुनाव आयोग की अहम बैठक जारी, बढ़ सकती हैं जम्मू में विधानसभा सीटों की संख्या...देखिए

 Edited By: Anil Kumar Shukla

Published on 13 Aug 2019 02:11 PM, Updated On 13 Aug 2019 02:11 PM

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में विधानसभा सीटों के परिसीमन को लेकर दिल्ली में चुनाव आयोग की बैठक जारी है। जहां मुख्य चुनाव आयुक्त समेत कई अधिकारी मौजूद हैं। परिसीमन पर बैठक में दोनों चुनाव आयुक्त भी मौजूद हैं। ऐसा माना जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में परिसीमन के बाद राज्य के तीन क्षेत्रों जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में विधानसभा सीटों की संख्या में बदलाव होगा।

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बता दें कि 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक 2019 को राज्यसभा में पास करवाया था इसके बाद अगले दिन 6 अगस्त को यह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था। केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 (3) के अंतर्गत प्रदत्त कानूनों को खत्म करते हुए जम्मू कश्मीर पुर्नगठन 2019 विधेयक को पेश किया। इस विधेयक के मुताबिक जम्मू कश्मीर को अब केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा होगा। लद्दाख बगैर विधानसभा के केंद्र शासित प्रदेश होगा।

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अगर परिसीमन हुआ तो जम्मू और कश्मीर के विधानसभा क्षेत्रों का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा। जम्मू और कश्मीर की राजनीति में आज तक कश्मीर का ही पलड़ा भारी रहा है, क्योंकि विधानसभा में कश्मीर की विधानसभा सीटें, जम्मू के मुकाबले ज्यादा हैं। अगर परिसीमन होता है और जम्मू की विधानसभा सीटें बढ़ती है, तो अलगाववादी मानसिकता के नेताओँ की स्थिति कमज़ोर होगी और राष्ट्रवादी शक्तियां मजबूत होंगी।

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गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में कुल 87 सीटों पर चुनाव होता है। 87 सीटों में से कश्मीर में 46, जम्मू में 37 और लद्दाख में 4 विधानसभा सीटें हैं। परिसीमन में सीटों में बदलाव में आबादी और वोटरों की संख्या का भी ध्यान रखा जाता है। ऐसा माना जा रहा है कि अगर परिसीमन किया जाता है तो जम्मू की सीटें बढ़ जाएंगी और कश्मीर की सीटें कम हो जाएंगी, क्योंकि 2002 के विधानसभा चुनाव में जम्मू के मतदाताओं की संख्या कश्मीर के मतदाताओं की संख्या से करीब 2 लाख ज्यादा थी।

Web Title : Important meeting of Election Commission on delimitation continues in Jammu and Kashmir

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