भारतीय रेलवे ने बदला टाइम टेबल, बढ़ाई गई कई ट्रेनों की स्पीड

Reported By: Pushpraj Sisodiya, Edited By: Pushpraj Sisodiya

Published on 01 Nov 2017 03:58 PM, Updated On 01 Nov 2017 03:58 PM

भारतीय रेलवे ने 1 नवंबर से अपने टाइम टेबल में परिवर्तन किया है. रेलवे ने टाइम टेबल के साथ कई ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ाई है जिससे मुसाफिरों का समय भी बचेगा. 

 

 

ट्रेनों को सही समय पर चलाने के लिए जीरो बेस्ट टाइम टेबल तैयार किया है, जिसमें नॉर्दर्न रेलवे की 51 एक्सप्रेस और 36 पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई है. जबकि ईस्ट कोस्ट रेलवे में 37 एक्सप्रेस ट्रेन और 19 लोकल ट्रेनों की स्पीड पर काम हो रहा है.रेलवे के साथ एक और बड़ी समस्या रेलवे की पटरियों पर क्षमता से ज्यादा ट्रेनें चलने का है.

 

खासकर नॉर्थ सेट्रल रेलवे, नॉर्थ इस्टर्न रेलवे और ईस्ट सेंट्रल रेलवे में क्षमता से करीब 40 फ़ीसद ज़्यादा ट्रेनें चलती हैं. ऐसे में ट्रेनों का लेट होना बहुत ही स्वाभाविक है. दूसरी तरफ किसी चलती हुई ट्रेन के किसी भी वजह से लेट होने से पीछे की सारी ट्रेनें लेट हो जाती हैं और समय सारिणी धरी की धरी रह जाती हैं. फिर भी रेलवे तमाम चुनौतियों के बाद भी जिस प्रयास में लगा है.

 

जीरो बेस्ड यानी शून्य आधारित समय सारिणी का मतलब है कि रेलवे ट्रैक पर कोई ट्रेन न हो और एक-एक कर सभी ट्रेनों को नए सिरे से समय दिया जाए. भारतीय रेल अपनी 13000 यात्री ट्रेनों और 8000 मालगाड़ियों के लिए नए सिरे से समय सारिणी बनाने में जुटा था.

जीरो बेस्ड टाइम टेबल में समान गति और समान दिशा की ओर जा रही ट्रेनों को एक के बाद एक समय दिया जाता है ताकि कम समय अंदर ऐसी सभी ट्रेनों को रवाना कर दिया जाए.

इस तरह से ट्रेनों को समय देने से सैद्धांतिक तौर पर रेल ट्रैक को अलग-अलग सेक्शन में कुछ समय के लिए खाली रखा जा सकता है और मेंटेनेंस के काम के लिए ब्लॉक दिया जा सकता है. इस तरह की समय सारिणी बनाने में मुसाफिरों की सहुलियत का भी खास ध्यान रखा जाता है. यानी की लंबी दूरी की ट्रेनें रात को चलाई जाएं और वो सुबह मंजिल तक पहुंच जाए.

 

वेब डेस्क, IBC24

 

Web Title : Indian Railways changed time table, increased speed of many trains

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