Instructions given by the minister- the affiliation of teachers will end here | मंत्री ने दिए निर्देश- यहां शिक्षकों का संलग्नीकरण होगा खत्म

मंत्री ने दिए निर्देश- यहां शिक्षकों का संलग्नीकरण होगा खत्म

 Edited By: Sanjeet Tripathi

Published on 20 Jun 2019 05:32 PM, Updated On 20 Jun 2019 05:32 PM

जगदलपुर। प्रदेश के वाणिज्यिक कर तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा है कि बस्तर में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं होना चाहिए। लखमा ने गुरुवार को जगदलपुर के कलेक्टोरेट में सभी विभागों के जिला अधिकारियों की बैठक लेकर संचालित योजनाओं और कार्यों की समीक्षा की।

बैठक में बताया गया कि जिले में 59 स्कूल शिक्षक विहीन और 61 स्कूलों में एकल शिक्षक हैं। यह भी बताया गया कि जिले में 494 शिक्षक दूसरे कार्यालयों अथवा अन्य कार्यों के लिए संलग्न हैं। इस पर लखमा ने कहा कि इन संलग्न शिक्षकों का संलग्नीकरण तत्काल समाप्त कर उन्हें उनके मूल पदस्थापना में पदस्थ किया जाए। वाणिज्यिक कर मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि बिजली लाइनों को दुरूस्त किया जाए। यह शिकायत दुबारा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को भी दुरूस्त करने जरूरत है। मरीजों को इलाज अथवा दवाइयों के लिए परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संयुक्त संचालक स्वास्थ्य से कहा कि मरीजों के प्रति डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टॉफ का व्यवहार शालीन होना चाहिए। पूरी संवेदनशीलता से मरीजों का उपचार किया जाए। विधायक नारायणपुर चंदन कश्यप ने भानपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी का जिक्र किए जाने पर मंत्री लखमा ने वहां दो और  डॉक्टरों को पदस्थ करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। कलेक्टर ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर दो डॉक्टरों की तैनाती कर दी जाएगी। विधायक रेखचंद जैन ने जगदलपुर के महारानी अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त दवाईयां उपलब्ध नहीं होने का मामला उठाया। इस पर कलेक्टर ने वार्ड में ही दवाईयों की व्यवस्था करने के निर्देश संयुक्त संचालक स्वास्थ्य को दिए।

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मंत्री ने जिले में खरीफ मौसम के लिए खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था करने निर्देश दिए। बैठक में बताया कि जिले में खाद और बीज का पर्याप्त भण्डारण है और किसानों को इसका वितरण किया जा रहा है। लखमा ने किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वन विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष जिले में 921 हेक्टेयर 10 लाख 12 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस पर बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा कि पौधे लगाने से ज्यादा जरूरी उनकी सुरक्षा है। पौधे लगाने के साथ ही सुरक्षा के भी पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

बैठक की शुरुआत में लखमा ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा,घुरूवा, गरूवा और बाड़ी की समीक्षा की। कलेक्टर डॉ. तम्बोली ने बताया कि जिले में 7 आदर्श गोठानों का निर्माण किया गया है। नरवा के तहत 54 नालों का चयन किया गया है, जिसमें से 48 पर कार्य शुरू हो चुका है। बाड़ी विकास कार्यक्रम के तहत किसानों को पौधे और बीज का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि वनाधिकार मान्यता पत्रों की समीक्षा के लिए नये सिरे से वन समितियों का गठन किया जा रहा है। इसमें 10 से 15 सदस्य होंगे। वनाधिकार मान्यता पत्रों पर यही समिति निर्णय करेगी। इसके लिए 26 और 28 जून को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।

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बैठक में बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, विधायक रेखचंद जैन और विधायक नारायणपुर चंदन कश्यप भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस दौरान कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली ने जिले में चल रहे विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में अपर कलेक्टर अरबिंद एक्का सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।  

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