छग : जोगी की जाति पर हाईकोर्ट में तीखी बहस, 14 सितंबर को अगली सुनवाई

Reported By: Aman Verma, Edited By: Aman Verma

Published on 08 Sep 2017 10:20 PM, Updated On 08 Sep 2017 10:20 PM

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट में चल रही बहस रोचक मोड़ पर पहुंच गई है। शुक्रवार से शुरू हुई सुनवाई में लंच से पहले और बाद में मिलाकर ढाई घंटे तक जोगी के वकील ने हाईपावर कमेटी के आदेश की खामियां गिनाईं। इस दौरान कमेटी के विजलेंस सेल की रिपोर्ट भी पढ़ी गई। जिसकी फाइडिंग पर एडवोकेट जनरल जेके गिल्डा और जोगी के वकील ब्रायन डिसिल्वा के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। जोगी के वकील ब्रायन डिसिल्वा और राहुल त्यागी ने चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच को सिलसिलेवार पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की जाति को लेकर पहले दर्ज किए मामले, उनकी जांच, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बारे में बताया। इसी दौरान डिसिल्वा ने हाईपावर कमेटी के विजिलेंस सेल का वह रिकार्ड पढ़ा जिसमें अधिकारियों ने लिखा था, कि जोगी निपनिया के दुलारे राम सतनामी परिवार के नहीं है। जोगी के वकील ने कोर्ट से कहा कि सरकार अपनी जांच में ही ये मान रही है कि जोगी निपनिया के दुलारे सतनामी परिवार के नहीं है, लिहाजा वे सतनामी नहीं है। इस पर एडवोकेट जनरल जेके गिल्डा ने आपत्ति की।

इस सुनवाई के दौरान कैवियट फाइल करने वाले नंदकुमार साय, समीरा पैकरा और संतकुमार नेताम के वकीलों ने भी जोगी के वकील की बातों पर आपत्तियां की। संत कुमार नेताम के वकील ने कहा कि अजीत जोगी के पिता और भाइयों के कागजात से ये साबित हो रहा है, कि वो आदिवासी नहीं हैं। कहीं भी उन्होंने आदिवासी होने की बात नहीं की है। उनके मूल निवास के बिलासपुर के तालापारा में होने की बात भी सामने आई है। 

ढाई घंटे की बहस अधूरी रही और 14 सितंबर को ब्रायन डिसिल्वा फिर अपनी बात कोर्ट के सामने रखेंगे। सरकार और जोगी तरफ से ही वकील अपनी अपनी दलीलें रख रहे हैं। जाहिर है हाईपावर कमेटी के फैसले पर हाईकोर्ट का फैसला अजीत जोगी की राजनीति के रास्ते का अहम मोड़ होगा।

Web Title : Jogi's caste debate on the High Court, next hearing on September 14

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