पत्रकारिता विवि घोटाला केस, एफआईआर होने पर पूर्व कुलपति ने बताया नागरिक अधिकारों का हनन

 Edited By: Sanjeet Tripathi

Published on 15 Apr 2019 01:59 PM, Updated On 15 Apr 2019 01:59 PM

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं और नियम विरुद्ध हुई नियुक्तियों मामले में हुई एफआईआर के बारे में पूर्व कुलपति बीके कुठियाला ने एक बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने कहा कि कुलपति होने के नाते अपनी टीम के सभी कामों की जिम्मेदारी मेरी है।

उन्होंने कहा है कि एफआईआर होने पर दुख भी है और हैरानी भी है। लेकिन जिन्हें आरोपी बनाया गया है, उनका पक्ष सुना ही नहीं गया। कुठियाला ने कहा कि सात दशकों की आजादी के बाद नागरिक अधिकारों का ऐसा खनन होना अनुचित है। उन्होंने कहा कि उन्हें जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है और वे जांच में हर तरीके का सहयोग करेंगे।

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बता दें कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हुई वित्तीय अनियमितता और नियम विरुद्ध नियुक्ति के मामले को लेकर ईओडब्ल्यू ने पूर्व कुलपति सहित 20 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। आरोपियों में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक विश्वास सारंग की बहन डॉक्टर आरती सारंग का नाम भी शामिल है। ईओडब्ल्यू का कहना है कि विश्वविद्यालय स्तर पर हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज किया गया है।

Web Title : Journalism university scam former VC said on being FIR civil rights abuses

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