कमजोर कहानी ने केदारनाथ को डुबोया,सारा और सुशांत की बेहतर केमिस्ट्री

 Edited By: Renu Nandi

Published on 07 Dec 2018 05:23 PM, Updated On 07 Dec 2018 05:22 PM

सारा अली खान और सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म केदारनाथ रिलीज हो चुकी है फिल्म का निर्देशन किये हैं अभिषेक कपूर ने बता दें कि फिल्म का ट्रेलर जब से रिलीज हुआ है तब से फिल्म का इंतजार किया जा रहा था, आखिर इस फिल्म के जरिए पटौदी खानदान की एक और पीढ़ी अपने एक्टिंग करियर की शुरूआत करने जा रही थी। जी हां हम बात कर रहे हैं सैफ अली खान और अमृता सिंह की लाडली बेटी सारा अली खान की।


 

फिल्म की शुरूआत होती है उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों के बीच केदारनाथ धाम से जहां का पिट्ठू हैं मंसूर खान (सुशांत सिंह राजपूत) जो
यात्रियों को केदारनाथ की यात्राकरवाता है। तो वहीं मुक्कू (सारा अली खान) एक ब्राह्मण परिवार की बिंदास लड़की है। केदारनाथ त्रासदी के दौरान ही दोनों की मुलाकात होती है और मुक्कू को मंसूर से प्यार हो जाता है एक तरफ इनका प्यार परवान चढ़ता है। तो दूसरी तरफ धर्म की दीवार इनके बीच आड़े आने लगती है। आखिरकार मुक्कू और मंसूर की मोहब्बत का क्या अंजाम होता है। ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी। बात की जाए सारा अली खान की..तो सारा अली खान इस फिल्म में बेहद खूबसूरत लगी है। उन्होंने अपने रोल को बखूबी निभाया है सारा पर्दे के बाहर जितनी खूबसूरत हैं उतनी ही फिल्म में प्यारी लगी हैं कहीं ना कहीं वो अपनी मॉम अमृता सिंह का यंग वर्जन लगी है। वहीं फिल्म में सारा और सुशांत की जोड़ी बेहद खूबसूरत लगी है...वहीं सुशांत सिंह एक मंझे हुए कलाकार हैं वो अपने एक्सप्रेशन और एक्टिंग से आपका दिल जीतने की कोशिश करेंगे.वहीं बात करें म्यूजिक की तो फिल्म का सिर्फ नमो नमो सॉन्ग ही है जो आपको याद रहेगा बाकी गानों में कोई दम नहीं है। 


अब बात आती है फिल्म की कहानी पर जिसे जून साल 2013 में आई भीषण त्रासदी पर आधारित बताया जा रहा था। लेकिन यहीं पर अभिषेक कपूर मात खा गए, उन्होंने फिल्म में भीषण बाढ़ और त्रासदी को फिल्माने की कोशिश लार्ज स्कैल पर की है। लेकिन वो उस दर्द और ताबाही के मंजर को क्रिएट नहीं कर पाए जिससे दर्शकों का रोम-रोम उस घटना को याद करके रो पड़े। फिल्म के दस मिनिट साल 2013 में आई प्राकृतिक आपदा को दिए गए हैं उसमें भी खालीपन सा लगता है। क्लाइमैक्स में एक दो सीन ऐसे हैं जिन्हें देखकर आपको हंसी आ जाएगी, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए, एंड में माहौल बनना चाहिए था उस ताबाही के मंजर का जिसका दर्द लोगों के जहन में आज भी ताजा है। आखिर हजारों लोगों की मौत हुई थी, लाखों लोग गुमशुदा हो गए थे, वहीं लाखों लोगों के घर तबाह हो गए लेकिन फिल्म में दिल को झकझोरकर रख देने वाला सिर्फ एक सीन आपको देखने को मिलेगा बाकी एंड में फिल्म ठंडी पड़ जाती है
कुल मिलाकर केदारनाथ की कहानी सिर्फ एक सिंपल लवस्टोरी है जिसमें कोई नयापन नहीं है..लेकिन अगर आप सारा अली खान की पहली फिल्म और सिंपल लवस्टोरी देखना पसंद करते हैं तो आप ये फिल्म देख सकते हैं क्योंकि ये फिल्म आपको बोर नहीं करेगी बस फिलिंग्स की कमी है।

Web Title : Kedarnath review

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