साहित्य के क्षेत्र 2017 का ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला कृष्णा सोबती को

Reported By: Renu Nandi, Edited By: Renu Nandi

Published on 04 Nov 2017 02:05 PM, Updated On 04 Nov 2017 02:05 PM

साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार वर्ष 2017 के लिए हिंदी के बड़े कथाकारों में शुमार कृष्णा सोबती को दिया जाएगा।ज्ञानपीठ के निदेशक लीलाधर मंडलोई ने बताया कि प्रो. नामवर सिंह की अध्यक्षता में यहां हुई प्रवर परिषद की बैठक में साल 2017 का 53वां ज्ञानपीठ पुरस्कार हिंदी साहित्य की सशक्त हस्ताक्षर कृष्णा सोबती को देने का फैसला किया गया। यह पुरस्कार साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रदान किया जाएगा। बतौर पुरस्कार कृष्णा सोबती को 11 लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा प्रदान की जाएगी।
इससे पहले वर्ष 1980 में उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। यह पुरस्कार उन्हें उनके उपन्यास ‘जिंदगीनामा’ के लिए दिया गया था। इसके अलावा कृष्णा सोबती को पद्मभूषण, व्यास सम्मान, शलाका सम्मान से भी नवाजा जा चुका है.

कृष्णा सोबती के कालजयी उपन्यासों सूरजमुखी अंधेरे के, दिलोदानिश, जिंदगीनामा, ऐ लड़की, समय सरगम, मित्रो मरजानी, जैनी मेहरबान सिंह, हम हशमत, बादलों के घेरे ने हिंदी साहित्य के कथा जगत को ताजगी से भर दिया। हाल ही में प्रकाशित 'बुद्ध का कमंडल लद्दाख' और 'गुजरात पाकिस्तान से गुजरात हिंदुस्तान' भी उनके लेखन की बेहतरीन मिसाले हैं.

Web Title : Krishna Sobti to get gyanpith award for 2017 field of literature

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