मध्यप्रदेश : रिश्वत के फेर में उलझा मासूम दिव्यांग का पेंशनकार्ड 

Reported By: Aman Verma, Edited By: Aman Verma

Published on 03 Nov 2017 03:20 PM, Updated On 03 Nov 2017 03:20 PM

मध्यप्रदेश के आदिवासी जिले में गरीबी बेबसी और लाचारी का फायदा किस तरह से उठाया जाता है आप इस रिपोर्ट को देख कर सहज अंदाज लगा सकते है रिश्वत खोरों  के चलते एक 7 साल के मासूम दिव्यांग का विकलांगता पेंशन कार्ड अब तक नहीं बन पाया है। जबकि मेडिकल बोर्ड डिंडौरी की टीम ने इस दिव्यांग को 1 साल पहले ही विकलांग प्रमाण पत्र दे दिया है। आरोप है की 500 रु रिश्वत न देने के चलते ही अभी तक उसका विकलांगता पेंशन कार्ड नहीं बन पाया है। 

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चकमी पंचायत डिंडौरी जिले के अंतिम छोर में बसा गांव है जहंा सरकार की यजोना का मखौल किस तरह उड़ाया जा रहा है वह कुलदीप को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। कुलदीप पिछले एक साल से अपने नाना के साथ आधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है। कुलदीप के नाना रामनाथ मसराम का आरोप है की उन्होंने कुलदीप के विकलांग पेंशन कार्ड बनवाने के लिए ग्राम पंचायत के सचिव के द्वारा मांगी गई रिश्वत के तौर पर 500 रु की राशी अब तक नहीं दी जिसके चलते उसे पेंशन सहित ट्राई साइकिल अब तक नहीं मिली।

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इस मामले में जब IBC24 की टीम ने जनपद करंजिया के सीईओ से बात करनी चाही तो उन्होंने कैमरे के सामने कुछ भी कहने से साफ मना कर दिया। कुलदीप के नाना रामनाथ मशराम का कहना है की ये मेरे नाती को विकलांग प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा है जिसके कारण इसे स्कूल नहीं भेज पा रहा हूं।

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मामले पर अभी तक कोई संज्ञान लेने की सूचना हमारी टीम के पास नहीं है लेकिन इस तरह की खबरें सरकारी तंत्र से आम लोगों की श्रद्धा खत्म करने का काम करती है। 

 

Web Title : Madhayapradesh : divyang did't get pension card for not giving bribe

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