निर्वाचन आयोग के खिलाफ मायावती ने निकाली भड़ास, कहा- मोदी-शाह को मिली है नफरत फैलाने की छूट

 Edited By: Deepak Dilliwar

Published on 15 Apr 2019 11:31 PM, Updated On 15 Apr 2019 11:31 PM

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के चुनावी समर में विवादित बयान का दौर जोरों पर है। विवादित बयान देने के चलते निर्वाचन आयोग ने सोमवार को नोटिस जारी करते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, सपा नेता आजम खान और बसपा सुप्रीमो मायावती पर चुनाव प्रचार करने से बैन लगा दिया है।

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निर्वाचन आयोग द्वारा बैन लगाने को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्वाचन आयोग को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि कारण बताओ नोटिस में चुनाव आयोग ने नहीं लिखा है कि मैंने भड़काउ भाषण दिया था। मेरा पक्ष सुने बिना ही मेरे उपर बैन लगा दिया है। जबकि मोदी-शाह को खुली छूट दी गई है। यह चुनाव आयोग के इतिहास का काला आदेश है। ऐसा लगता है कि ये किसी के दबाव में आकर लिया गया फैसला है ताकि हम दूसरे चरण का प्रचार न कर सकें।


मायावती ने आगे कहा कि आयोग ने मोदी और अमित शाह खुलेआम नफरत फैलाने में लगे हुए हैं, ये बात निर्वाचन आयोग को नहीं दिखाई देती। वहीं, मायावती के समर्थकों को क​हना है कि एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों की जमानत जब्त कराएं, यही सही मायने में चुनाव आयोग का जवाब होगा।


गौरतलब है कि बसपा प्रमुख मायावती ने यूपी के देवबंद में चुनावी सभा के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों से वोटों के लिए अपील की थी। मायावती ने अपने संबोधन में कहा था कि मुस्लिम समुदाय के लोग अपना वोट बंटने ना दें और सिर्फ महागठबंधन के लिए वोट दें। मायावती का ये बयान धर्म के नाम पर वोट मांगने के नियम का उल्लंघन माना गया है।
वहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने एक संबोधन में मायावती पर हमला करते हुए कहा था कि अगर विपक्ष को अली पसंद है, तो हमें बजरंग बली पसंद हैं। दोनों नेताओं के इन बयानों पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया था और दोनों नेताओं को हिदायत दी थी।

Web Title : mayawati press conference on election commission ban loksabha election 2019

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