मिशन गगनयान- इसरो चीफ का बयान, 2021 तक भारतीय कर सकेंगे अंतरिक्ष की सैर.. जानें खास बातें

 Edited By: Abhishek Mishra

Published on 11 Jan 2019 02:20 PM, Updated On 11 Jan 2019 02:20 PM

नई दिल्ली। इसरो अंतरिक्ष की उड़ान में एक उपलब्धि जोड़ने की तैयारी में है। इसरो प्रमुख के सिवन की माने तो मिशन गगनयान प्रोजेक्ट की मदद से भारत दिसंबर 2021 तक अंतरिक्ष में मनुष्य को भेजने का लक्ष्य रखा है। उनके मुताबिक अगर निर्धारित समय के अंदर ऐसा कर होता है तो हमारा देश विश्व का चौथा ऐसा देश होगा जो अपने बल पर अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेज सकेगा। भारत इस साल अप्रैल तक चंद्रयान-2 के भी लांचिंग की तैयारी में है। बता दें कि गगनयान प्रोजेक्ट की घोषणा पिछले साल पीएम मोदी ने की थी।

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गगनयान के तहत शुरुआती ट्रेनिंग भारत में होगी जबकि इसकी एडवांस ट्रेनिंग रूस में दी जाएगी। अंतरिक्ष में जाने वाले दल में महिला भी होंगी। पिछले महीने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि भारत 2022 तक अपने तीन अंतरिक्ष यात्रियों को गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष में भेजेंगे। गगनयान मिशन के लिए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये का फंड जारी किया था। केंद्र सरकार ने इस मिशन को ऐतिहासिक बताया था।

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इसरो अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए सबसे बड़े रॉकेट जीएसएलवी एमके तीन का इस्तेमाल करने की योजना में हैं। अंतरिक्ष में जाने वाले इन अंतरिक्ष यात्रियों को व्योमनॉट्स के नाम से जाना जाएगा। व्योम एक संस्कृत भाषा का शब्द है जिसका अर्थ अंतरिक्ष होता है। इसरो अभी तक इस मिशन पर 173 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। मिशन के तहत तीन सदस्यीय क्रू कम से कम 7 दिन के लिए अंतरिक्ष की यात्रा पर जाएगा। इसकी फाइनल लॉन्चिंग से पहले दो मानव रहित मिशन भी अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। 

Web Title : Mission Gaganayan- Statement of ISRO Chief, In 2021 Indians will be able to visit the space. Learn special things.

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