गांव के बाजार में मुर्गा लड़ाई के नाम पर खेला जा रहा लाखों का जुआ, प्रशासन मौन

Reported By: Dheeraj Sharma, Edited By: Renu Nandi

Published on 25 Feb 2019 03:32 PM, Updated On 25 Feb 2019 03:39 PM

डोंगरगढ़। महाराष्ट्र सीमा से लगे प्रदेश का अंतिम गांव बाघनदी में लोग बेजुबान मुर्गो को लड़ाकर लाखो रुपये के जुआ खेलते है,जिसमे कई मुर्गो की मौत हो जाती है,यह खेल पुलिस जानकारी में भी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती। बाघनदी थाना से मात्र दो किलोमीटर दूर जंगल में मुर्गा लड़ाई के नाम पर लाखो रूपये का जुआ खेला जा रहा है। जानकारी होने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है,जबकि गांव में हर सप्ताह लगने वाले बाजार के दिन इस लड़ाई में लाखो का दांव लगता है।

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ज्ञात हो कि प्रत्येक रविवार को मुर्गा बाजार के नाम पर गांव के जंगल में साप्ताहिक बाजार लगता है,मुर्गा लड़ाई में दूर-दूर के गावो से लोग विशेष रूप से ट्रेंड किये मुर्गे लेकर पहुंचते है,लड़ाई शुरू होने से पहले मुर्गे के पैर में धागे की मदद से छुरी(ब्लेड) बाँध देते है। यह छुरी पैर के निचे पंजे पर बांधते है,इस छुरी से मुर्गा अपने प्रतिद्वंदी मुर्गे पर वार करता है,इस मुर्गा लड़ाई में मुर्गो की हाइट व् वजन के हिसाब से भाव लगता है। लड़ाई में छोटे मुर्गे पर 10 हजार तथा बड़े मुर्गे पर 50 से 60 हजार रुपये तक के दांव लगते है,प्रतिद्वंदी मुर्गे के बाद ही खेल खत्म माना जाता है। खास बात यह है की मुर्गो को लड़ाने के लिए एकरिंग की आकार की खाली जगह को घेर दिया जाता है। इस जगह को कुकड़ा गली कहते है,गौरतलब है की स्थानीय मुर्गे को टककर देने के लिए प्रदेश भर अलावा महाराष्ट्र राज्य लोग मुर्गे लेकर पहुंचते है,और मुर्गो पर दांव के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचते हैं।

Web Title : murga ladai

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