नवरात्रि के पांचवे दिन मां दुर्गा के स्कन्द स्वरूप की पूजा

Reported By: Aman Verma, Edited By: Aman Verma

Published on 25 Sep 2017 11:06 AM, Updated On 25 Sep 2017 11:06 AM

नवरात्र के पांचवे दिन माता के स्कन्द स्वरूप की पूजा की जाती है, मां की आराधना संतानहीनता के दुःख को दूर करती है। मां दुर्गा का पंचम रूप स्कन्दमाता के रूप में जाना जाता है। स्कंद माता सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी हैं, मां कमल के पुष्प पर विराजित अभय मुद्रा में होती हैं, स्कंदमाता को पद्मासना देवी तथा विद्यावाहिनी दुर्गा भी कहा जाता है। देवी स्कन्दमाता की चार भुजाएं हैं, माता अपने दो हाथों में कमल का फूल धारण किये हैं, एक भुजा में भगवान स्कन्द या कुमार कार्तिकेय को सहारा देकर अपनी गोद में लिये बैठी हैं। मां का चौथा हाथ भक्तों को आशीर्वाद देने की मुद्रा मे है। स्कंद माता का रूप सौंदर्य अद्वितीय आभा लिए शुभ्र वर्ण का वात्सल्य पूर्ण स्वरुप होता है,  माता संत जनों की रक्षा के लिए सिंह पर सवार होकर दुष्टों का संहार करती हैं। इनकी उपासना करने से संतानहीनता के दुःख दूर होते है। देवी की कृपा से भक्त की मुराद पूरी होती है और घर में सुख, शांति एवं समृद्धि रहती है. संतान का सुख मिलने के साथ ही दुखों से मुक्ति भी मिलती है। एकाग्रभाव से मन को पवित्र करके मां की स्तुति करने से सन्तान से सम्बन्धित समस्त दुःखों से मुक्ति पाकर सन्तान को स्वास्थ्य समृधि और यश प्राप्त होता है।

 

मंत्र:-

या देवी सर्वभूतेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

 

स्कन्दमाता के पूजन की विधि -

स्कंद माता की विधि सहित पूजा करनी चाहिए. पूजा के लिए कुश अथवा कम्बल के पवित्र आसन पर बैठकर पूजा प्रक्रिया को उसी प्रकार से शुरू करना चाहिए जैसे पूर्व के चार देवियों की पूजा में किया गया है। फिर स्कंद माता के मंत्र से देवी की प्रार्थना करनी चाहिए. पंचोपचार विधि से देवी स्कन्दमाता की पूजा करनी चाहिए। 

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कन्या के साथ बटुक भोजन कराएं:-

स्कंदमाता को प्रसन्न करने के लिए स्कंद कुमार को खुश करना जरूरी है क्योंकि जबतक संतान खुश नहीं होगा मां खुश नहीं हो सकती है। मां को खुश करने के लिए पंचवी तिथि को पांच वर्ष की पांच कन्याओं एवं बालकों को खीर एवं मिठाई खिलाएं।  चिन्ह सिंदूर, लाल चूड़ी, महावर, नेल पेंट, लाल बिंदी, सेब और लाल फूल एवं चावल बांधकर मां की गोद भरनी चाहिए। संतान सुख की इच्छा से जो व्यक्ति मां स्कंदमाता की आराधना करना चाहते हैं उन्हें नवरात्र की पांचवी तिथि को लाल वस्त्र में सुहाग।

 मां स्कंदमाता का इस मंत्र के उच्चारण सहित मां की आराधना की जाती है :- 

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

 

 

Web Title : navrati's 5th day % maa skandhrupa ki hogi puja

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