CWC 2019: रॉस टेलर का बड़ा खुलासा, बुमराह के दहशत में उड़ गई थी नींद, तड़के 3 बजे जग गया था

 Edited By: Deepak Dilliwar

Published on 12 Jul 2019 03:14 PM, Updated On 12 Jul 2019 03:14 PM

इंग्लैंड: विश्वकप 2019 अब अंतिम पड़ाव पर है। 14 जुलाई को इस विश्व कप का फाइनल खेला जाना है। वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब फाइनल में दो ऐसी टीमें भिड़ेंगी जो इससे पहले कभी फाइनल तक नहीं पहुंची। वहीं, दूसरी ओर भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले मैच को लेकर न्यूजीलैंड को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने वाले दिग्गज बल्लेबाज रॉस टेलर ने बड़ा खुलासा किया है। हालांकि इस मैच में टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन टीम इंडिया के इस गेंदबाज ने रॉस टेलर की नींद उड़ा दी थी।

Read More: कौशिक ने सरकार के खिलाफ जोगी के अविश्वास प्रस्ताव को किया खारिज, कहा- जल्दबाजी नहीं करेंगे

रॉस टेलर ने खुलासा करते हुए कहा है कि कप्तान केन विलियमसन ने ब्लैक कैप को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी मुझे दी थी, लेकिन मुझे बुमराह का डर सता रहा था। इसके चलते मेरी नींद रात में ही खुल गई थी। मुझे दुनिया के सबसे अच्छे डेथ ओवर बॉलर का सामना करना था और कप्तान ने मुझे तेजी से रन बटोरने की जिम्मेदारी दे दी थी। वहीं, दूसरी ओर भुवनेश्वर कुमार बहुत ही चालक गेंदबाजी कर रहे थे। यही कारण है कि मैं दो सोच में था और चिंता के चलते जल्दी जाग गया।

Read More: निष्कासित भाजपा नेता प्रदीप जोशी पर कांग्रेस नेता का एक और आरोप, भाजयुमो कार्यकर्ता की मौत को साजिशन हत्या बताया

मुझे टेस्ट मैच की तरह महसूस हो रहा था, मैं रात भर थोड़ा बेचैन रहा। लेकिन मैने और केन ने 240 रन की बात की थी। हमें लगा कि वह अच्छा स्कोर है। कई लोगों ने हम पर भरोसा नहीं किया लेकिन विकेट बहुत ही धीमा था। केन ने मुझे क्रीज़ पर अंत तक खड़े रहने के लिए कहा और टीम को एक अच्छे टोटल तक पहुंचाने को कहा। मैच में रॉस टेलर ने 67 रन बनाकर नाबाद थे।

Read More: केंद्रीय मंत्री के भाई को पड़ा दिल का दौरा, गहन निगरानी में इलाज जारी

बता दें इस मैच में न्यूजीलैंड ने निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 239 रन बनाए थे। 240 रनों का पीछा करना भारतीय बल्लेबाजों के सामने आसान नहीं था क्योंकि बारिश के बाद मैदान की स्थिति बदल गई थी। इसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा और टीम इंडिया ने अपने 6 विकेट महज 92 रनों में खो दिए। यहां से रवींद्र जडेजा (77) और महेंद्र सिंह धोनी (50) ने सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी कर भारत को जीत के करीब पहुंचाया। यह विश्व कप में सातवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी थी। ऐसा लग रहा था कि जडेजा और धोनी की जोड़ी भारत को फाइनल में पहुंचा देगी तभी ट्रेंट बाउल्ट ने मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने 208 के कुल स्कोर पर जडेजा को कप्तान केन विलियम्सन के हाथों कैच कराया। इसके बाद एक के बाद एक विकेट गिरते गए और भारत मात्र 221 रन पर ढेर हो गया।

Read More: धोनी के बैटिंग ऑर्डर पर कोच रवि शास्त्री की सफाई, कहा इसका था यह फैसला..देखिए

Web Title : new zealand batsman ros taylor explain about jasprit bumrah in first semifinal CWC 2019

जरूर देखिये