नोटबंदी का एक साल, सोशल मीडिया पर 8 नवंबर की बीजेपी - कांग्रेस जंग का रिहर्सल

Reported By: Aman Verma, Edited By: Aman Verma

Published on 07 Nov 2017 08:08 PM, Updated On 07 Nov 2017 08:08 PM

नोटबंदी का एक साल 8 नवंबर को पूरा हो गया, लेकिन ये मुद्दा अभी भी उसी तरह गरमाया हुआ है, जैसे एक साल पहले था। कांग्रेस 8 नवंबर को कालादिवस के रूप में मना रही है तो बीजेपी कालाधन विरोधी दिवस के रूप में और दोनों ओर से ही धरना-प्रदर्शन की पूरी तैयारी है। 8 नवंबर को देश की दो प्रमुख राजनीतिक दलों की राजनीतिक जंग का रिहर्सल इससे एक दिन पहले सोशल मीडिया पर भी पूरे रंग में दिखा।

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मंगलवार को बीजेपी और इसके समर्थकों की ओर से नोटबंदी के समर्थन में की गई पोस्ट्स से हैशटैग  ट्रेंड करने लगा। इन पोस्ट्स में नोटबंदी के फायदे, इसकी उपलब्धियां गिनाई गईं। बीजेपी के ऑफिशियर ट्वीटर हैंडल के साथ-साथ बीजेपी सरकार के मंत्रियों, नेताओं के हैंडल्स से ट्वीट और रिट्वीट किए गए। इस हैशटैग पर किए गए ट्वीट्स में नोटबंदी के समर्थकों ने नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले और 8 नवंबर 2016 को रात 12 बजे से पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद करने के ऐलान को साहसिक बताया। कई पोस्ट्स में नोटबंदी से डिज़िटल पेमेंट, बैंकों में बढ़ी जमा रकम, टैक्सपेयर्स की बढ़ी संख्या, फर्जी कंपनियों पर कार्रवाई जैसे नतीजों से जोड़कर देशहित और देश की तरक्की से जोड़कर बताया गया।

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इस हैशटैग के जवाब में कांग्रेस और उसके समर्थकों की ओर से नोटबंदी के खिलाफ जवाबी हैशटैग  पर पोस्ट किए जाने लगे और कुछ ही देर बाद ये भी ट्रेंड करने लगा। इस हैशटैग पर लोगों ने नोटबंदी को नरेंद्र मोदी सरकार की नाकामी बताया। इन पोस्ट्स में ये बताया गया कि नोटबंदी से न तो कालाधन सामने आया, न भ्रष्टाचार घटा और न आतंकवादी हमले थमे। कुछ यूजर्स ने पोस्ट किए कि जब पूरी दुनिया मंदी के दौर से गुजर रही थी, उस वक्त भारत मनमोहन सिंह के नेतृत्व में मजबूत अर्थव्यवस्था बना रहा, जबकि कमज़ोर नेतृत्व के कारण नोटबंदी के कदम से खुद ही मंदी को दावत दी गई। कुछ यूजर्स ने नोटबंदी के दौरान एटीएम के बाहर लगी लंबी कतारों की पुरानी तस्वीरें पोस्ट कर इस फैसले को तबाही करार दिया।

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वेब डेस्क, IBC24

Web Title : One year of demonetization, 8 November's BJP on social media - Congress Jung Rehearsal

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