अमन सिंह की पत्नी की नियुक्ति पर उठे सवाल, यास्मीन सिंह ने बताया ओछा हथकंडा, कहा- केस करूंगी

 Edited By: Sanjeet Tripathi

Published on 10 May 2019 09:46 PM, Updated On 10 May 2019 09:51 PM

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के प्रमुख सचिव रहे अमन सिंह की पत्नी यास्मीन सिंह की नियुक्ति पर उठे सवाल और फिर उस शिकायत पर जांच के आदेश के बाद अब यास्मीन सिंह ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने इसे ओछा हथकंडा बताते हुए ओछे आरोप लगाने वालों के खिलाफ मुकदमा करने की बात कही है।

एक बयान में यास्मीन सिंह ने कहा, मुझे जानकारी मिली है कि छत्तीसगढ़ सरकार में मेरे खिलाफ विभागीय जांच गठित की है। मुझे अभी राज्य सरकार से आधिकारिक तौर पर नोटिस प्राप्त नहीं हुई है। लेकिन खबरें इस बात का संकेत देती है कि कांग्रेस पार्टी के एक सदस्य ने शिकायत की है कि मेरे पति के प्रभाव में आकर मेरी नियुक्ति गलत तरीके से की गई है। मैंने राज्य सरकार से अनुचित लाभ लिया है। मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि ये सारे आरोप गलत आधारहीन और प्रेरित हैं।

उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार के पास सारे रिकार्ड हैं, जो यह साबित करते हैं कि सरकार में मेरी नियुक्ति सारे नियमों के हिसाब से सक्षम अधिकारी की मंजूरी के साथ पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। किसी भी मामले में मैंने अपनी नियुक्ति स्वयं नहीं की है। इसलिए यदि राज्य सरकार को मेरी नियुक्ति में कोई चिंता दिखती है तो वह अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है जो नियुक्ति के लिए जिम्मेदार हैं।

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उन्होंने आगे कहा है, यह आरोप कि मैंने राज्य सरकार से अनुचित लाभ लिया है गलत और आधारहीन है। शिकायत की प्रवृत्ति शिकायतकर्ता गलत सोच को दर्शाती है और जिसकी तरफ से उसने शिकायत की है वे इस बात को नहीं पचा पा रहे हैं कि एक महिला होने के नाते अपनी योग्यता के आधार पर राज्य सरकार में मेरा चयन हुआ है। मैं निश्चित रूप से शिकायतकर्ता और वे सारे लोग जो मुझे बदनाम करना चाहते हैं उनके खिलाफ तो मुकदमा करुंगी ही, जांच के संबंध में भी समुचित कानूनी कदम उठाऊंगी।

बता दें कि कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी के मुख्य सचिव से की गई शिकायत में कहा गया था कि  यास्मीन सिंह पूर्णकालिक कत्थक नृत्यांगना हैं तथा उनके द्वारा कोई भी शासकीय कार्य नहीं किया गया है। पीएचई विभाग में नवंबर 2005 में उनकी नियुक्ति संविदा आधार पर की गई थी। शिकायत में कहा गया कि यास्मीन सिंह की नियुक्ति उनके पति अमन सिंह की पत्नी होने के कारण हुई थी। नियुक्ति के दौरान उन्हें प्रतिमाह 35 हजार रूपया मानदेय तय हुआ था, जो बाद में बढ़कर गुपचुप ढंग से एक लाख प्रतिमाह कर दिया गया। यास्मीन सिंह 14 सालों तक संविदा अधिकारी के रूप में कार्यरत थी, लेकिन उनका ज्यादातर कार्य नृत्यांगना के रूप में प्रचारित होता था। उन्हें तत्कालीन सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा अत्यधिक मानदेय पर नृत्य के लिए आमंत्रित किया जाता था।

Web Title : questiones on Amin Singh wife Yasmin appointment

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