राफेल विवाद: याचिकाकर्ताओं ने लीक किए महत्वपूर्ण दस्तावेज, रक्षा मंत्रालय ने दाखिल किया हलफनामा

 Edited By: Rupesh Sahu

Published on 13 Mar 2019 08:12 PM, Updated On 14 Mar 2019 09:36 AM

नई दिल्ली । रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राफेल विमान डील के बारे में उसके फैसले पर दाखिल रिव्यु पिटीशन में लगाए गए दस्तावेज राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं और वे लड़ाकू विमान की युद्धक क्षमता से संबंधित हैं। रक्षा मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कहा है कि राफेल समीक्षा मामले में याचिकाकर्ताओं द्वारा संलग्न किए गए दस्तावेज राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील हैं जो युद्धक विमानों की युद्ध क्षमता से संबंधित हैं।

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शीर्ष अदालत में दाखिल हलफनामे में सरकार ने कहा है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी तथा कार्यकर्ता अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा दाखिल पुनर्विचार याचिका व्यापक रूप से वितरित की गयी हैं और ये देश के शत्रु और विरोधियों के पास उपलब्ध है।हलफनामे में कहा गया है, 'इससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। केन्द्र सरकार की सहमति, अनुमति या सम्मति के बगैर, वे जिन्होंने, इन संवेदनशील दस्तावेजों की फोटो प्रतियां करने और इन्हें पुनर्विचार याचिकाओं के साथ संलग्न करने की साजिश रची है और ऐसा करके ऐसे दस्तावेजों की अनधिकृत तरीके से फोटो प्रति बनाकर चोरी की है। याचिकाकर्ताओं ने देश की सार्वभौमिकता, सुरक्षा और दूसरे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण रिश्तों को प्रतिकूल तरीके से प्रभावित किया है।

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केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि सौदे को लेकर सरकार 'गोपनीयता बरतती है, पुनर्विचार याचिकाकर्ता संवेदनशील सूचनाऐं लीक करने के दोषी हैं जो समझौते की शर्तो का उल्लंघन है।' इसमें यह भी कहा गया है, 'याचिकाकर्ता राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से संबधित मामले में आंतरिक गोपनीय वार्ता की चुनिंदा तौर पर और अधूरी तस्वीर पेश करने की मंशा से अनधिकृत रूप से प्राप्त इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे हैं।'

Web Title : Rafael controversy: The important documents leaked by the petitioners, Defense Ministry filed affidavit

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