रावण के ससुराल में आज के दिन होती है विशेष पूजा..

Reported By: Abhishek Mishra, Edited By: Abhishek Mishra

Published on 30 Sep 2017 01:00 PM, Updated On 30 Sep 2017 01:00 PM

 

मंदसौर में रावण का ससुराल

देशभर में आज जहां रावण दहन की तैयारियां हो रही है. वहीं मध्यप्रदेश का एक गांव ऐसा है जिसे दशानन रावण का ससुराल कहा जाता है. यहां सैकड़ों वर्षों पुरानी रावण की विशाल प्रतिमा विराजमान है. दशहरा के मौके पर यहां विधि विधान से रावण की प्रतिमा की पूजा की जाती है.

पौराणिक कथाओं में मंदसौर को दशानन रावण का ससुराल कहा गया है. यहां रावण की विशाल प्रतिमा स्थित है. यहां रावण दहन नहीं किया जाता है रावण को भगवान के रुप में पूजा जाता है. 

मान्यता है कि नामदेव समाज के लोग रावण की पत्नी मंदोत्तरी को अपनी बेटी का दर्जा देते है, इसी लिहाज से मंदसौर में लंकापति रावण को जमाई राजा का दर्जा दिया जाता है । दशहरे के दिन खानपुरा स्थित दशानन की विशाल प्रतिमा को पूजा जाता है । 

दशहरा पर जाने पूजन का शुभ मुहूर्त

दशहरे के दिन समाज के सभी लोग ढोल धमाकों के साथ रावण की पूजा करने पहुचते हे । रावण को फूल हार पहनाए जाते हे धुप दीप के साथ आरती कर सभी लोग लंका पति लंकेश रावण की जयकारो साथ ढोल ढोल धमको से आरती की जाती है इस आरती में समाज के सभी लोगो सहित महिलाए बच्चे बुजुर्ग भी शामिल होते है । 

ख़ास बात यह है कि मंदसौर के जमाई रावण की प्रतिमा के सामने से आज भी महिलाए घूँघट करती हे ,ये मालवा की संस्कृति हे जहा जमाई को आदर सम्मान महिलाए घूँघट निकलकर करती हे । यहाँ महिलाए हमेशा प्रतिमा के सामने से घूंघट कर के निकलती है । सदियों से चली आ रही यह परम्परा आज भी वैसी ही प्रचलित हे । बताया जाता हे की मंदसौर के खानपुरा में स्थित जमाई राजा रावण की यह प्रतिमा काफी प्राचीन हे। 

'गंगा-दशहरा'पर महाकाल की अनूठी पूजा

मान्यता है कि रावण की प्रतिमा के दाए पैर में लच्छा बांधकर मन्नत की जाती है और मन्नते पूरी भी होती हे। यहाँ लोग दशहरे के पर्व पर रावण की पूजा के साथ सुख समृद्धि की कामना और मन्नत लंकापति रावण से मंगाते हे जो पूरी होती हे। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु दशहरे पर पूजा कर चूरमा बाटी का भोग लगाते हे। वही मान्यता यह भी हे की बीमार व्यक्ति द्वारा रावण के पैरों में लच्छा बंधने से कई बीमारियां ठीक हो जाती है । 

इस दिन यहाँ कई दिन दुखी आते हे और रावण के पैरो में लच्छा बांध कर अपने ऊपर आई विपत्तियों दूर करने के लिए रावण से प्रार्थना करते हे ..यहाँ के लोगो का तो यहाँ तक मनना हे की रावन की पूजा करने से मंदसौर में कोई विपप्ती नहीं आति हे। नामदेव समाज शहर की सुख समृद्धि की कामना लंकापति से करते हैं.

 

 

वेब डेस्क,

दीपक शर्मा IBC24, मंदसौर

Web Title : Ravan's in-laws at Mandsaur

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