अफसरों की मनमानी, दो सालों से अटका रखी थी नर्सिंग छात्राओं की छात्रवृत्ति, सरकार ने जारी किए 51 लाख रूपए

 Edited By: Abhishek Mishra

Published on 25 Jun 2019 10:29 AM, Updated On 25 Jun 2019 02:28 PM

रायपुर। राजधानी में पिछले दो सालों से प्रदर्शन कर रही नर्सिंग की आदिवासी छात्राओं के लिए सरकार ने 51 लाख रूपए जारी किए गए हैं। 2016 में यूरोपियन कमीशन के योजना के तहत इन आदिवासी छात्राओं को निजी नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश दिलाया गया था।

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दोनों संभागों में जी.एन.एम. नर्सिंग का प्रशिक्षण ले रही इन छात्राओं को पिछले दो वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिल रही थी। इसे लेकर वे लगातार अधिकारियों से मिल रही थी, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकल रहा था। जबकि यूरोपियन कमीशन ने 2016 में ही पैसे भेज दिए थे। अधिकारियों की मनमानी से आदिवासी छात्राओं को परेशानी हो रही थी। परेशान छात्राओं को रायपुर पहुंचकर प्रदर्शन करना पड़ा।

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प्रदर्शन के बाद सरकार ने नर्सिंग कर रही आदिवासी छात्राओं के लिए कुल 51 लाख रुपए जारी किए हैं। यह पैसा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण और सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण द्वारा दिए जा रहे हैं। बस्तर संभाग के 22 छात्राओं के लिए 35 लाख और सरगुजा संभाग के 10 छात्राओं के लिए 16 लाख रुपए हैं।

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Web Title : Rs 51 lakhs scholarship released for nursing students

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