'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' से दोगुना है 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का आकार,मोदी आज करेंगे जनता को समर्पित

Reported By: Abhishek Mishra, Edited By: Abhishek Mishra

Published on 31 Oct 2018 10:54 AM, Updated On 31 Oct 2018 10:54 AM

नई दिल्ली। देश के पहले गृहमंत्री रहे लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती है और ये खास मौका और भी खास होने जा रहा है, क्योंकि गुजरात में आज उनकी दुनिया में सबसे ऊंची प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है। 182 मीटर ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भव्य समारोह में उद्घाटन करेंगे। ये प्रतिमा नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से करीब साढ़े तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थापित की गई है।

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स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का कुल वजन 1700 टन है और ऊंचाई 522 फीट यानी 182 मीटर है। प्रतिमा अपने आप में अनूठी है। इसके पैर की ऊंचाई 80 फीट, हाथ की ऊंचाई 70 फिट, कंधे की ऊंचाई 140 फीट और चेहरे की ऊंचाई 70 फीट है। 182 मीटर ऊंचे 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का आकार न्यूयॉर्क के 93 मीटर उंचे 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' से दोगुना है। ये प्रतिमा महज 33 माह के रिकॉर्ड कम समय में बनकर तैयार हुई है।

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सरदार पटेल की इस मूर्ति को बनाने में करीब 2,989 करोड़ रुपये का खर्च आया हैं। जिसमें कांसे की परत चढ़ाने के आंशिंक कार्य को छोड़ कर बाकी पूरा निर्माण देश में ही किया गया है। इस स्मारक की आधारशिला  31 अक्तूबर, 2013 को पटेल की 138 वीं जयंती के मौके पर रखी गई थी, तब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इसके लिये पूरे देश में लोहा इकट्ठा करने का अभियान भी चलाया गया। अगले 15 साल तक ढांचे के रखरखाव पर खर्च किए किए जाएंगे।

 

वेब डेस्क, IBC24

 

Web Title : Sardar Vallabhbhai Patel:

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