शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर MBBS की सीट बेचने का आरोप

Reported By: Abhishek Mishra, Edited By: Abhishek Mishra

Published on 06 Sep 2017 12:15 PM, Updated On 06 Sep 2017 12:15 PM

भिलाई के प्राइवेट शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट पर एडमिशन के लिए मंगलवार को हुई काउंसिलिंग में जमकर हंगामा हुआ. पालकों ने नियमों के खिलाफ एडमिशन देने का आरोप लगाया. साथ ही कॉलेज प्रबंधन पर खुलेआम 10 से 15 लाख रुपए लेकर सीट बेचने का भी आरोप लगाया.

भिलाई के शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज में MBBS की 150 सीटों के लिए रायपुर के मेडिकल कॉलेज में चल रही काउंसिलिंग में क्या हो रहा है. पालकों की बातें सुनकर इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. अभिभावक से लेकर स्टूडेंट्स तक कॉलेज प्रबंधन और डीएमई प्रबंधन पर पैसे लेकर प्रवेश देने का आरोप लगा रहे है. आरोप ये भी है. कि एक साल की फीस की बॉंड की अनिवार्यता बीच काउंसिलिंग में खत्म कर दी गई.

ताकि बाहरी छात्रों को फायदा दिया जा सके. छत्तीसगढ़ के ज्यादा मार्क्स लाने वाले स्टूडेंट्स को भी मैनेजमेंट कोटा में एडमिशन न देकर स्टेट कोटा में एडमिशन दिया गया. NRI कोटे में हेरफेर का भी आरोप लगा. इतना ही नहीं काउंसिलिंग प्रभारी पर बदसलूकी का आरोप भी लगा. जिसके खिलाफ एक छात्र ने पुलिस में शिकायत की है.

काउंसिलिंग प्रभारी जीतेंद्र तिवारी के खिलाफ मंगलवार को भी जमकर हंगामा हुआ. इतना कि पुलिस और फोर्स तक बुलानी पड़ गई. बाद में खुद काउंसिलिंग प्रभारी ने सफाई दी. दरअसल पूरा खेल पैसों का है. स्टेट कोटे की एक सीट की सालभर की फीस 5 लाख 18 हजार है. जो दूसरे राज्य की तुलना में कम ही है. NRI कोटे में यही फीस 18 से 20 लाख सालाना है. आरोप है कि इसी कमाई की फसल काटने के लिए कॉलेज और डीएमई प्रबंधन ने स्टेट कोटे में कम से कम प्रवेश देने की पूरी कोशिश की. कई अभिभावक इस काउंसिलिंग के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे है.

 

Web Title : shankaracharya mbbs college bhilai

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