शीला दिक्षित का अंतिम संस्कार आज, दिल्ली में अब कांग्रेस के सामने ये होंगी चुनौतियां

 Edited By: Anil Kumar Shukla

Published on 21 Jul 2019 07:39 AM, Updated On 21 Jul 2019 07:39 AM

नई दिल्ली। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित शनिवार को दुनिया को अलविदा कह गईं। शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार रविवार को दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को निजामुद्दीन स्थित आवास पर रविवार सुबह 11 बजकर 30 मिनट तक अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

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शीला दिक्षित के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी समेत कई दिग्गज नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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शीला दीक्षित को राजनीति में पहला बड़ा मौका तब मिला था, जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उन्हें 1984 में अपने मंत्रिपरिषद में शामिल किया था तब शीला दीक्षित यूपी की कन्नौज लोकसभा सीट से संसद पहुंची थीं। शीला के लिए राजनीति महज सत्ता हासिल करने का जरिया नहीं थी बल्कि आम लोगों से जुड़ने और उनकी समस्याओं को हल करने का माध्यम थी।

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शीला दीक्षित के निधन के बाद जहां एक ओर राजनीतिक खेमे में शोक की लहर दौड़ पड़ी है, वहीं कुछ लोगों की जुबान पर एक सवाल भी है। सवाल यह कि आखिर अब दिल्ली कांग्रेस का मुखिया कौन होगा। दरअसल, दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही महीने शेष हैं और ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अचानक निधन से दिल्ली कांग्रेस के सामने एक ऐसे नेता की तलाश करने की चुनौती उत्पन्न हो गई है, जो उनकी जिम्मेदारी संभाल सके।

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बता दें कि कांग्रेस पार्टी दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनावों में उन्हें सीएम के चेहरे के तौर पर उतारने की तैयारी में भी थी। दिल्ली में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद केरल की राज्यपाल भी रही थीं। इसके अलावा कांग्रेस ने यूपी विधानसभा चुनाव में उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर भी पेश किया था।

 

 

 

Web Title : Sheila Dikshit's funeral today, in Delhi, the challenges will now face the Congress

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